छिंदवाड़ा के बाद बैतूल में कफ सिरप से दौ बच्चों की मौत! उमंग सिंघार ने लगाया आरोप “सरकारी लापरवाही से मध्यप्रदेश में बच्चों की जान संकट में”

नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में सरकार पर 'देरी से की गई कार्रवाई' का आरोप लगाते हुए कहा कि ये कितना हास्यास्पद है कि बच्चों की मौत के बाद अब सरकार पीड़ित परिवारों के खातों में मुआवजा राशि पहुंचने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि लापरवाही से हुई किसी भी मौत की पूर्ति कोई मुआवजा नहीं कर सकता है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत की घटना ने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण प्रदेश में बच्चों की जान संकट में पड़ गई है। उन्होंने इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से नवजातों की मौत और कोल्ड्रिफ कफ सिरप से छिंदवाड़ा के बाद अब बैतूल में बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए  कहा कि ऐसी  लापरवाही सिर्फ मध्य प्रदेश में ही संभव है।

बता दें कि बैतूल में भी ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप के सेवन से दो बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। इससे पहले छिंदवाड़ा जिले में ये कफ सिरप 14 बच्चों की मौत का कारण बन चुका है। प्रदेश में इस सिरप से मरने वाले बच्चों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल नाम का जहरीला औद्योगिक रसायन पाया गया है और सरकार ने इस घटना के बाद इसे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है।

उमंग सिंघार ने सरकार पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी लापरवाही के कारण बच्चों की जान खतरे में है। उन्होंने कहा कि इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल में नवजात बच्चों की मौत चूहों के काटने से हुई, वहीं ज़हरीले कफ सिरप के सेवन से छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में कुल 16 बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में 14 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले में Coldrif कफ सिरप से 2 और बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, छिंदवाड़ा के 8 बच्चे अब भी नागपुर में भर्ती हैं।

उपमुख्यमंत्री के बयान पर उठाए सवाल

स्वास्थ्य विभाग ने जबलपुर में कातारिया फार्मास्युटिकल्स के डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम को सील कर दिया है। लेकिन उमंग सिंघार ने इस कार्रवाई में हुई देरी पर सवाल उठाए हैं। इसी के साथ उन्होंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है जिसमें उन्होंने कहा था कि 12 दवाईयों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें 3 दवाईयों की जांच रिपोर्ट में कोई हानिकारक तत्व नहीं मिले। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बेहतर होता कि वे 3 में हानिकारक तत्व की बात पर जोर देने के बजाए यह कहते कि 12 सैंपल अमानक पाए गए।  उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तभी मृतक बच्चों की संख्या इतनी बढ़ गई।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews