MP में 1160 करोड़ के एथेनॉल चावल घोटाले का आरोप, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित लगभग 5 लाख मीट्रिक टन सरकारी चावल का दुरुपयोग किया गया और फोर्टिफाइड चावल को राइस मिलों तक पहुंचाकर करोड़ों रुपये का खेल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अनियमितता से गरीबों, कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित चावल भी प्रभावित हुआ है।
Umang Singhar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में 1160 करोड़ के एथेनॉल चावल घोटाले का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर  सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ वित्तीय अनियमितता का नहीं बल्कि गरीबों के अधिकार, सरकारी खजाने और जनविश्वास से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदेश में करीब 5 लाख मीट्रिक टन सरकारी चावल आवंटित किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1160 करोड़ है। आरोप है कि एथेनॉल उत्पादन में उपयोग किए जाने के बजाय यह चावल राइस मिलों तक पहुंचा दिया गया।

एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल में हेरफेर का आरोप

मध्यप्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी चावल की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में लगभग 50 लाख क्विंटल सरकारी चावल एथेनॉल प्लांटों को आवंटित किया गया, लेकिन ये चावल राइस मिलों तक पहुंचा दिया गया।  उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि सरकार जिस फोर्टिफाइड चावल की खरीद, प्रोसेसिंग और भंडारण पर लगभग 4,000 प्रति क्विंटल खर्च करती है, वही चावल एथेनॉल संयंत्रों को 2,320 प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया जाता है। आरोपों के अनुसार, एथेनॉल बनाने के बजाय इस चावल को लगभग 2,800 प्रति क्विंटल में राइस मिलर्स को बेच दिया जाता है और बाद में तौर पर उसी चावल को दोबारा सरकारी व्यवस्था में खपाकर करोड़ों रुपये का लाभ कमाया जाता है।

उमंग सिंघार ने की दोषियों पर कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस अनियमितता में गरीबों, कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित फोर्टिफाइड चावलका भी दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा है कि बालाघाट कलेक्टर की कार्रवाई के बाद मामला सामने आया, लेकिन यदि पूरे प्रदेश में लाखों क्विंटल चावल आवंटित किया गया था, तो अन्य जिलों में भी स्वतंत्र जांच क्यों नहीं कराई जा रही है। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछा है कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि इस कथित घोटाले के पीछे कौन-कौन शामिल है और कार्रवाई कब होगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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