उमंग सिंघार का आरोप “मध्यप्रदेश में तबादला उद्योग चला रही भाजपा सरकार”, कहा “प्रदेश की जनता जवाब चाहती है”

उन्होंने कहा कि मनमाने तबादलों के कारण कई विभागों में वरिष्ठता और सेवा नियमों की अनदेखी हो रही है और प्रशासनिक अव्यवस्था पैदा हो गई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब योग्यता, वरिष्ठता और सेवा नियमों को दरकिनार कर तबादले किए जाते हैं तो परिणाम अव्यवस्था, विवाद और प्रशासनिक अराजकता के रूप में सामने आता है।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में हालिया प्रशासनिक तबादलों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को “तबादला उद्योग” बना दिया है।

उन्होंने कहा कि “भाजपा राज में अफसरों की नियुक्ति और तबादले योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ता के इशारों पर हो रहे हैं। भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को विकास का मॉडल नहीं, बल्कि “तबादला मॉडल” बना दिया है, प्रदेश की जनता जवाब चाहती है कि आखिर प्रशासन को इस दुर्दशा तक पहुंचाने का जिम्मेदार कौन है।”

तबादलों को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को “तबादला उद्योग” में बदल दिया है, जिसके कारण कई विभागों में गंभीर अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई है।   उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए तबादलों के बाद एमएसएमई, वाणिज्यिक कर, कृषि और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं, जहां जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) लिखने की स्थिति में पहुंच गए हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक नियमों और वरिष्ठता व्यवस्था के विपरीत बताया।

बीजेपी पर लगाया आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि योग्यता, अनुभव और सेवा नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से किए जा रहे तबादलों का परिणाम प्रशासनिक अराजकता और विवाद के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ता के इशारों पर किए जा रहे हैं। उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रदेश को विकास का मॉडल बनाने के बजाय “तबादला मॉडल” बना दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासनिक व्यवस्था को इस स्थिति तक पहुंचाने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है और सरकार को इस पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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