उमंग सिंघार का सरकार पर हमला, पूछा आबकारी आयुक्त पर कार्रवाई क्यों नहीं? OBC आरक्षण को लेकर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में अवैध जहरीली शराब से मौतें हो रही हैं और मुख्यमंत्री जी अपने मित्र आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
Umang Singhar attack mp government

Umang Singhar attack mp government

मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एन एक बार फिर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है, उन्होंने देवास शराब कांड को लेकर सवाल किया है कि 13 मौतें हो गई और 7.25 लाख रुपये की अवैध शराब मिली फिर भी आबकारी आयुक्त पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का OBC प्रेम सिर्फ एक दिखावा है।

देवास के दो गांवों में पिछले दिनों शराब पीने से 13 लोगों की जान चली गई, परिजनों का कहना है कि शराब जहरीली थी जबकि प्रशासन ये मानने के लिए फौरी तौर पर तैयार नहीं हुआ हालाँकि पुलिस अवैध शराब बिक्री की बात कर रही है, पुलिस ने इस मामले में चर्चित व्यक्ति विनोद जायसवाल सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने घटना के 9 दिन बाद गिरफ्तारियां की अब कांग्रेस पार्टी सरकार के एक्शन पर सवाल उठा रही है, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X पर लिखा 13 मौतें हो गई, 7.25 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त हो गई और फिर भी आबकारी आयुक्त पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था?

सिंघार ने लिखा-  देवास में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के बाद 9 दिन तक गिरफ्तारी नहीं हुई। अब सप्लायर, 2 वाइन शॉप मैनेजर समेत 10 आरोपी गिरफ्तार हैं, लेकिन सवाल बरकरार है, शराब किस दुकान से आती थी यह अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था?

छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से जवाबदेही खत्म हो जाती है?

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से सवाल किया,  क्या छोटे आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार की जवाबदेही खत्म हो जाती है? आबकारी विभाग के आयुक्त दीपक सक्सेना एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी? पीड़ित परिवारों को मुआवजा और प्रदेश की जनता को जवाब कब मिलेगा?

सरकार का OBC प्रेम सिर्फ एक दिखावा

उमंग सिंघार ने OBC आरक्षण को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है, उन्होंने लिखा- मध्यप्रदेश सरकार का OBC प्रेम सिर्फ एक दिखावा है, 27% OBC आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई SLP में 10 खामियां निकाली गईं, जिससे याचिका सुनवाई के लिए लिस्ट तक नहीं हो सकी।

जनता को गुमराह करना बंद करे सरकार

सिंघार ने कहा, सरकार के पास महाधिवक्ता, 7 अतिरिक्त और 4 उप-महाधिवक्ताओं की भारी-भरकम फौज है, फिर भी तारीखों में अंतर, अस्पष्ट दस्तावेज और बिना हस्ताक्षर के वकालतनामा पेश किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी क्या यह वकीलों की घोर अक्षमता है या जानबूझकर OBC वर्ग को उनके हक से वंचित रखने की साजिश? सरकार जनता को गुमराह करना बंद करे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews