
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश सरकार पर बड़े हमले किये हैं उन्होंने सोशल मिडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना की है, सिंघार ने लाड़ली बहना योजना पर सवाल उठाये हैं प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाये हैं।
उमंग सिंघार ने X पर लिखा – जो महिलाएँ सबसे ज्यादा संरक्षण और सहायता की हकदार थीं, वही आज सरकार की नीतियों के कारण योजनाओं से बाहर कर दी गईं। सहरिया, बैगा और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की करीब 5 लाख महिलाएँ लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं ले पा रहीं, क्योंकि उन्हें पहले से कुपोषण दूर करने के लिए मिलने वाला पोषण अनुदान मिलता है।
आदिवासी बहनों के साथ यह भेदभाव आखिर क्यों?
सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार ने गरीब आदिवासी महिलाओं के सामने “या तो पोषण अनुदान लो, या लाड़ली बहना का लाभ” जैसी मजबूरी खड़ी कर दी है? क्या यही महिला सशक्तिकरण है? चुनाव के समय हर बहन अपनी लगती है, लेकिन योजनाओं का लाभ देने की बारी आती है तो सबसे गरीब और सबसे पिछड़े वर्ग की बहनों को ही बाहर कर दिया जाता है।
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री मोहन यादव बताएं, आदिवासी बहनों के साथ यह भेदभाव आखिर क्यों? सरकार से हमारी माँग है कि पोषण अनुदान मिलने वाली आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रदान किया जाए।
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाये सवाल
सिंघार ने लिखा, मध्य प्रदेश की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है, कहीं मशीनों के व्यवस्थापन के नाम पर घोटाला, कहीं कागज़ों पर बने अस्पताल, कहीं फर्जी MBBS डिग्री लेकर इलाज, तो कहीं एक ही संविदा डॉक्टर तीन-तीन जगह से वेतन लेता रहा।
यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि लाखों गरीब मरीजों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ है। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को व्यवस्था नहीं, लापरवाही और भ्रष्टाचार मिल रहा है। मोहन यादव जी, आखिर प्रदेश की जनता कब तक इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकाएगी? दोषियों पर सख्त कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कब होगा?
भाजपा की "लाड़ली बहना" योजना का कड़वा सच!
जो महिलाएँ सबसे ज़्यादा संरक्षण और सहायता की हकदार थीं, वही आज सरकार की नीतियों के कारण योजनाओं से बाहर कर दी गईं। सहरिया, बैगा और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की करीब 5 लाख महिलाएँ लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं ले पा रहीं, क्योंकि…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 11, 2026
मध्यप्रदेश की बीमार स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल!
कहीं मशीनों के व्यवस्थापन के नाम पर घोटाला, कहीं कागज़ों पर बने अस्पताल, कहीं फर्जी MBBS डिग्री लेकर इलाज, तो कहीं एक ही संविदा डॉक्टर तीन-तीन जगह से वेतन लेता रहा।
यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि लाखों गरीब मरीजों की ज़िंदगी के…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 11, 2026
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

