बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में बच्चों की बीमारी और मौतों को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर आदिवासी क्षेत्रों के स्वास्थ्य और पोषण की अनदेखी का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि बालाघाट-शिवपुरी में 27 बच्चों की मौत हो चुकी है और जिला अस्पताल में 132 बच्चे भर्ती हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, पर्याप्त बेड, मेडिकल स्टाफ और पोषण व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कहा कि बालाघाट-शिवपुरी क्षेत्र के बच्चे खसरा, मलेरिया, डायरिया और बुखार जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग डेढ़ महीने से हालात बिगड़ रहे हैं लेकिन सरकार ने समय रहते पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। उन्होंने सवाल किया कि जब अस्पताल में बच्चों के लिए बेड और स्टाफ तक पर्याप्त नहीं हैं तो सरकार किस विकास का दावा कर रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आदिवासी अंचलों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा। इसी के साथ उन्होंने मांग की कि प्रभावित इलाकों में बच्चों की तत्काल स्वास्थ्य जांच, उपचार और पर्याप्त पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बालाघाट और शिवपुरी में बच्चों की मौत के मामले
बालाघाट के बैगा आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के बीमार पड़ने का मामला जून के अंत से सामने आया था। शुरुआती दौर में जिला प्रशासन ने छह से आठ बच्चों की मौत की पुष्टि की थी, जबकि स्थानीय लोगों और विपक्ष की ओर से मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक होने के दावे किए गए। 14 अगस्त को उमंग सिंघार ने खुद प्रभावित गांवों का दौरा किया और 19 बच्चों की मौत का दावा किया था जबकि उस समय स्वास्थ्य विभाग ने आठ मौतों की पुष्टि की थी। इसके बाद भी मौतों के आंकड़े को लेकर विवाद जारी रहा। 27 अगस्त तक सिंघार ने मृतकों की संख्या 26 पहुंचने का दावा किया था।
बालाघाट के बाद शिवपुरी में भी बच्चों की मौत के मामले सामने आए। जिले के सईसपुरा इलाके में एक ही परिवार के चार बच्चों की करीब 10 दिनों के भीतर मौत हुई है। मृतकों में तीन नाबालिग और एक 19 वर्षीय युवक शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक बच्चों में तेज बुखार, पेट दर्द और उल्टी-दस्त जैसे लक्षण सामने आए थे। ये सारे मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों को भेजा, घर-घर सर्वे और स्क्रीनिंग कराई तथा अस्थायी चिकित्सा व्यवस्था शुरू की। हालांकि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन को घेर रही है और आदिवासियों के स्वास्थ्य और समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रही है।
आदिवासियों के स्वास्थ्य और समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है भाजपा!
बालाघाट-शिवपुरी के बच्चे खसरा, मलेरिया, डायरिया और बुखार जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। 27 बच्चों की मौत हो गई, 50 बेड के जिला अस्पताल में 132 बच्चे भर्ती है।
करीब डेढ़ महीने से हालात बिगड़ रहे हैं, फिर भी सरकार… pic.twitter.com/DwndvTLPKH
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 2, 2026






