दोस्तों के बीच नोकझोंक, तकरार, कहासुनी होना सामान्य बात है लेकिन यदि मामला इतना बढ़ जाये कि अदालत का दरवाजा खटखटाने की नौबत आ जाये तो ये दोस्ती नहीं कही जा सकती, खैर ऐसा ही एक मामला दमोह से सामने आया है जिसमें ऐसा ही कुछ हुआ है फिर दोस्तों द्वारा क्षतिपूर्ति का दावा ठोका गया है..जानते हैं विस्तार से ….
दमोह में दोस्तों के बीच जन्मदिन की पार्टी नहीं देने की नोक झोंक का अनोखा मामला सामने आया है। यही नहीं पार्टी नहीं दी तो यह मामला न्यायालय की चौखट तक जा पहुंचा। जन्मदिन की पार्टी को लेकर जिला न्यायालय के अधिवक्ता गोविंद तिवारी को उनके मित्र विशाल सिंह राजपूत ने वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भेजकर ₹41,250 की क्षतिपूर्ति की मांग की है।
दोस्त ने तोड़ा पार्टी देने का वादा
एडवोकेट विशाल सिंह राजपूत के मुताबिक गोविंद तिवारी का जन्मदिन 10 अगस्त को था। हम सब मित्र अधिवक्ता केक काट रहे थे तभी गोविंद तिवारी ने अगले रविवार पार्टी देने का वादा किया , लेकिन रविवार निकल गया कोई पार्टी नहीं हुई, उन्हें याद दिलाया तो उन्होंने फिर अगले रविवार को पार्टी देने का पक्का वादा किया और लिखित सहमति भी जताई जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं के हस्ताक्षर हुए, लेकिन इसके बाद भी वो मुकर गए।
₹41,250 की क्षतिपूर्तिका ठोका दावा
विशाल सिंह ने कहा कि जब गोविंद तिवारी ने पार्टी नहीं दी तो हम लोगों को रेस्टोरेंट में ₹1,750 का खाना खाना पड़ा। इसके बाद मानसिक परेशानी के चलते निजी अस्पताल में इलाज कराया, जिसमें ₹39,500 खर्च हुए। इसी आधार पर ₹41,250 की क्षतिपूर्ति मांगी गई है और उन्हें क़ानूनी नोटिस भेजा गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मध्यस्थता के प्रयास में
इस मामले में अधिवक्ता गोविंद तिवारी के सीनियर और इस मामले में उनके वकील मनीष नगाइच का कहना है कि उन्होंने दोस्तों को पार्टी दी थी और इसके बिल भी उनके पास हैं। सीनियर अधिवक्ता मनीष नगाइच ने कहा कि नोटिस का जवाब नोटिस के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दो मित्रों के बीच का मामला है और मध्यस्थता से समाधान का प्रयास किया जाएगा।



दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट






