दमोह छात्रावास हादसे पर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा “मध्यप्रदेश में शिक्षा और छात्रों की सुरक्षा दोनों ताक पर”

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में छात्रावासों की जर्जर स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की कमी छात्रों की सुरक्षा के प्रति सरकार की लापरवाही को दर्शाती है। कांग्रेस नेता ने प्रदेशभर के छात्रावासों की तत्काल जांच, जर्जर भवनों की मरम्मत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

उमंग सिंघार ने दमोह जिले के पटेरा स्थित बालिका छात्रावास में हुए हादसे को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा को भी गंभीर रूप से नजरअंदाज किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह छात्रों की सुरक्षा से मुँह फेरने वाली सरकार की घोर उदासीनता का प्रतीक है। उन्होंने मांग की है कि मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग प्रदेश भर के छात्रावासों की तत्काल जांच करें और प्रदेश भर के छात्रावास में बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक मरम्मत करवाई जाए।

दमोह में छात्रावास की छत गिरी

दमोह जिले के पटेरा विकासखंड स्थित अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में बुधवार रात छात्राएं अपने कमरों में मौजूद थीं। इसी दौरान छात्रावास की जर्जर इमारत की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से आठ छात्राएं घायल हो गई हैं। हादसे के बाद छात्रावास में अफरा-तफरी मच गई। अन्य छात्राओं और स्टाफ की मदद से घायलों को तत्काल पटेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्रावास भवन का निरीक्षण किया।

उमंग सिंघार ने की कार्रवाई की मांग

इस घटना को लेकर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि यह हादसा छात्रों की सुरक्षा के प्रति सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के अनेक छात्रावास बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जिससे छात्र-छात्राओं की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रावासों की दयनीय स्थिति सिर्फ पुरानी इमारतों का मामला नहीं है, बल्कि यह छात्रों की सुरक्षा से सरकार के मुंह मोड़ लेने का प्रतीक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार अपनी लापरवाही की कीमत मासूम छात्रों के जीवन से कब तक वसूलती रहेगी। उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग से मांग की है कि प्रदेशभर के सभी छात्रावासों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। इसी के साथ उन्होंने जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक रखरखाव और सभी छात्रावासों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग भी की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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