
Umang Singhar
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मोहन सरकार की आर्थिक नीतियों पर जोरदार प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जीएसटी भुगतान में लगातार देरी और प्रदेश की लगातार घटती आमदनी की वजह से मध्यप्रदेश सरकार को हर रोज़ 266 करोड़ रुपए का कर्ज़ लेकर अपनी सरकार चलानी पड़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार अब कर्ज़ के तेल पर चल रही है।
कांग्रेस नेता कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि दो वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी इस पर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन उन्हें भी चुप करा दिया गया। विपक्ष के तौर पर जब कांग्रेस के विधायक इन मुद्दों को सदन में उठाते हैं, तो सरकार उन्हें नज़रअंदाज़ करते हुए केवल FRBM की लिमिट में कर्ज़ लेने की बात कर चुप करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक बदहाली का यह आलम है कि मोहन सरकार कर्मचारियों की सैलरी भी कर्ज़ लेकर बाँट रही है।
उमंग सिंघार ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की घटती आय, तेज़ी से बढ़ता कर्ज़ और जीएसटी मुआवज़े की देरी ये तीनों आज मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौति बन चुकी हैं। नतीजा यह है कि प्रदेश का कुल कर्ज़ चार लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक बदहाली इस कदर है कि मोहन सरकार अपने कर्मचारियों की सैलरी भी कर्ज़ लेकर दे रही है।
बैठक बुलाकर चर्चा की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा किया कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि खुद सत्ताधारी दल के दो वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी आर्थिक हालात पर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया। उन्होंने कहा, “विपक्ष जब विधानसभा में ये ज्वलंत मुद्दे उठाता है तो सरकार केवल FRBM लिमिट का हवाला देकर बात को टाल देती है और विपक्षी सदस्यों को नज़रअंदाज़ करती है।” उमंग सिंघार ने मांग की है कि प्रदेश की बिगड़ती वित्तीय स्थिति हर नागरिक से जुड़ा मुद्दा है है इसलिए सरकार को तुरंत विशेष बैठक बुलाकर इसपर खुली चर्चा करनी चाहिए और पारदर्शी तरीके से आर्थिक संकट के समाधान का रोडमैप पेश करना चाहिए।
मोदी सरकार द्वारा मोहन सरकार को जीएसटी भुगतान में देरी और प्रदेश की कम होती आमदनी की वजह से, हर रोज़ ₹266 करोड़ का कर्ज़ लेकर सरकार चलानी पड़ रही है।
प्रदेश की घटती आय, बढ़ता कर्ज़ और जीएसटी भुगतान में देरी — ये तीनों आज प्रदेश की सबसे गंभीर आर्थिक चुनौतियाँ हैं, जिनके चलते… pic.twitter.com/bddcMpxfY1
— Umang Singhar (@UmangSinghar) November 26, 2025
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

