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पेसा एक्ट और वनाधिकार मामलों पर सीएम के फैसले को कांग्रेस ने बताया अपनी जीत, उमंग सिंघार ने की सैटेलाइट इमेजरी से निगरानी की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस के निरंतर आंदोलनों के दबाव में सरकार अब आदिवासियों के अधिकारों को लेकर सक्रिय हुई है। उन्होंने मांग की है कि दावों के निपटारे में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जब तक सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन नहीं हो जाता तब तक आदिवासी बस्तियों में किसी भी प्रकार की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए।
पेसा एक्ट और वनाधिकार मामलों पर सीएम के फैसले को कांग्रेस ने बताया अपनी जीत, उमंग सिंघार ने की सैटेलाइट इमेजरी से निगरानी की मांग

Umang Singhar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा वनाधिकार और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यक्तिगत-सामुदायिक वनाधिकार दावों के इस साल 31 दिसंबर तक इन निपटारे के निर्देशों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निरंतर अभियानों के दबाव में आखिरकार सरकार वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत आदिवासियों को लंबित पट्टों के मुद्दे पर नींद से जागी है।

बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री ने वनवासियों के अधिकारों और कल्याण को लेकर एक अहम बैठक की। इसमें वन अधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट के क्रियान्वयन पर राज्य-स्तरीय टास्क फोर्स की शीर्ष समिति और कार्यकारी समिति के साथ विचार-विमर्श किया गया। मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार वनवासी समुदाय के साथ हर वक्त खड़ी है और इस संदेश को जमीनी स्तर तक पूरी गंभीरता से पहुंचाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

डॉ. मोहन यादव ने वन अधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य-स्तरीय टास्क फोर्स की शीर्ष समिति और कार्यकारी समिति की बैठक में वनवासियों के कल्याण और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का तेजी से निराकरण किया जाए। उन्होंने इस साल 31 दिसंबर तक सभी लंबित मामलों को शून्य करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही उन्होंने पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध अधिनियम, 1996) के तहत जनजातीय समुदायों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पेसा मोबिलाइजर्स की सक्रियता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पेसा मोबिलाइजर्स की नियुक्ति और उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें हटाने का अधिकार अब ग्राम सभाओं को सौंपा जाएगा।

उमंग सिंघार ने की सरकार के फैसले की सराहना

इस निर्णय की प्रदेश कांग्रेस ने सराहना की है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि “सरकार ने 31 दिसंबर तक 2.74 लाख लंबित दावों के निपटारे का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह एक स्वागत योग्य कदम है। कांग्रेस पार्टी जनता के हक की लड़ाई, हमेशा मजबूती से लड़ती रहेगी। सरकार से मेरा अनुरोध है कि दावों के निपटारे में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग हो ताकि आदिवासियों के साथ अन्याय ना हो। इसके साथ ही, जब तक सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन नहीं हो जाता, तब तक आदिवासी बस्तियों में किसी भी प्रकार की कार्रवाई को तत्काल रोका जाए।” उन्होंने सरकार के इस फैसले को कांग्रेस द्वारा आदिवासियों के हित में किए जा रहे आंदोलनों का परिणाम बताया है।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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