दिल्ली में होगा विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन, सीएम डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह को किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का शासन न्यायप्रियता और शिक्षा के क्षेत्र में किये गए कार्यों के लिए याद किया जाता है इसलिए मध्य प्रदेश सरकार उनके जीवनकाल और शासनकाल को पूरे देश के सामने लाना चाहती है।
CM Dr. Mohan Yadav met President Droupadi Murmu

CM Dr. Mohan Yadav met President Droupadi Murmu: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर पहुंचकर मुलाकात की और दिल्ली में 12 से 14 अप्रैल 2025 तक विक्रमादित्य महानाट्य के आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज अपने निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक दिल्ली पहुंचे, उन्होंने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकत की, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को मध्य प्रदेश के विकास और प्रगति की जानकारी दी और उन्हें मध्य प्रदेश का दौरा कर प्रदेश की जनता को आशीर्वाद देने का अनुरोध किया।

सीएम ने राष्ट्रपति और गृह मंत्री को किया आमंत्रित 

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और उन्हें मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था, अपराधियों पर नकेल और अपराधों पर लगाम की जानकारी दी, मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को भी मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण दिया , राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने सीएम डॉ मोहन यादव को जल्दी ही मध्य प्रदेश का दौरा करने का आश्वासन दिया है।

विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन दिल्ली में 12 से 14 अप्रैल 2025 तक

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश पूरे साल गुड़ी पड़वा उत्सव मना रहा है, पिछले साल हमें हैदराबाद में आयोजन किया था इस बार दिल्ली में 12 से 14 अप्रैल 2025 तक विक्रमादित्य महानाट्य का आयोजन किया जायेगा जिसके लिए मैंने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री से मुलाकत कर उन्हें कार्य्रकम के लिए आमंत्रित किया है। मैं जल्दी ही प्रधानमंत्री से भेंटकर उन्हें भी आमंत्रित करूँगा ।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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