भोपाल में कोरोना को लेकर ये कैसी गंभीरता!

भोपाल में कोरोना को लेकर ये कैसी गंभीरता!

भोपाल

कोरोना (corona) को लेकर भोपाल (bhopal) में जिला प्रशासन किस कदर लापरवाही बरत रहा है, इसका बड़ा उदाहरण सामने आया है। कोहेफिजा थाने में पदस्थ एक महिला सब इंस्पेक्टर और दो आरक्षकों को चिरायु स्थित कोविड-19 (covid-19) सेन्टर में भर्ती करा दिया गया है जबकि इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।

दरअसल कोहेफिजा थाने में पदस्थ इन तीनों लोगों की दो जांच हुई और दोनों जांच नेगेटिव आई जो पोर्टल में दर्ज है । इसके बावजूद इनको बाकायदा चिरायु अस्पताल (chirayu hospital) के लिए रवाना कर दिया गया और उस पर भी भद्दा मजाक ये कि पुलिस थाना स्टाफ ने इन्हें जब रवाना किया तो बाकायदा इन्हें फूल देकर विदा कर फोटो खिंचवाई गई और वीडियो वायरल किए गए जो पूरे सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चलने के साथ-साथ पेपर में खबर भी बने। हैरत की बात यह है कि जिस महिला सब इन्स्पेक्टर (sub inspector) की दो रिपोर्ट पोर्टल में नेगेटिव आ चुकी है उसे शनिवार को फिर मैसेज आया कि उसकी रिपोर्ट नेगेटिव है लेकिन क्योंकि वह कोविड सेंटर में पहुंच चुकी है इसीलिए उसे अब 14 दिन वहां रहना मजबूरी है। इस बारे में जब सीएमएचओ (CMHO) भोपाल डा. प्रभाकर तिवारी से बात की गई तो उनका कहना था कि पोर्टल की गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ होगा। अब सवाल यह है कि कोरोना महामारी को लेकर अगर सरकार का पोर्टल ठीक नहीं तो फिर इसका जिम्मेदार कौन है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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