राष्ट्रहित की जब भी बात होती है,ओवैसी, बाबा, चचा विरोध ही करेंगे

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा

Dr.Narottam Mishra

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने संबंधी विधयक लोकसभा में पास होने पर खुशी जताते हुए कहा कि ओवैसी जैसे लोग इसका विरोध कर रहे है इससे ही समझा जा सकता है कि यह कानून कितना जरूरी है।

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गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि फर्जी मतदान व घुसपैठियो पर लगाम लगाने के लिए यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। लेकिंन इस कानून का औवेसी जैसे लोग विरोध कर रहे है यह हमेशा ही होता आया है कि जब भी राष्ट्रहित की बात होती है ओवैसी,बाबा ओर चचा जान विरोध करने लगते है।

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डॉ मिश्रा ने कहा कि सच तो यह है कि यह कानून फ़र्ज़ी मतदान रोकने के लिए जरूरी था। इस कानून के बाद घुसपैठियों की भी शामत आनी पक्की है।

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गृह मंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी जी की वन नेशन ,वन सिटीजन की अवधारणा को यह कानून पूरा करता है। चुनाव सुधार की दिशा में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। इससे पहले भी मोदी जी एक देश, एक टेक्स एक देश एक फ्लेग,एक देश एक प्रधान ,एक देश एक विधान लागू कर एक राष्ट्र के संकल्प को पूरा कर चुके है। नही तो एक देश मे दो विधान,दो प्रधान व दो फ्लेग सबने देखे थे। आज यह सब खत्म हो गया है। इसी तरह चुनाव सुधार बिल भी एक राष्ट्र की अवधारणा को मजबूत करेगा।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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