
BHOPAL NEWS : लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर मध्यप्रदेश में पुलिस अलर्ट पर है और लगातार पुलिस फ्लैग मार्च और मॉक ड्रिल निकालकर किसी भी तरह के हालातों से निपटने के लिए तैयारी कर रही है, भोपाल में लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संपन्न कराने तथा चुनाव के दौरान शांति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियो के मार्गदर्शन में नगरीय पुलिस भोपाल द्वारा शुक्रवार को पुलिस लाईन नेहरु नगर में पुलिस उपायुक्त क्राइम, हेडक्वॉर्टर अखिल पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू ठाकुर की मौजूदगी में बल्वा मॉक ड्रिल रिहर्सल परेड का आयोजन किया गया, जिसमें थानों का बल, यातायात का बल, रक्षित केंद्र के अधिकारी/कर्मचारियों समेत करीब 250 पुलिस जवानों ने भाग लिया।
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पुलिस जवानों की जिम्मेदारी
बलवा ड्रिल परेड से पूर्व पुलिस आयुक्त अखिल पटेल ने समस्त जवानों को संबोधित करते हुए बलवा ड्रिल परेड का महत्व बताया एवं कानून व्यवस्था के दौरान विपरित परिस्थितियों में क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए एवं पुलिस जवानों की जिम्मेदारी होती है। इस बारे मे विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
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बलवा मॉक ड्रिल-
बल्वा मॉक ड्रिल रिहर्सल परेड में पुलिस जवानों की अलग-अलग टीम बनाई गई, जिससे टियर गैस पार्टी, अश्रु गैस पार्टी, लाठी पार्टी, राइफ़ल पार्टी, मेडिकल पार्टी, वाटर केनन पार्टी एवं को अपना-अपना कार्य तय कर दिशा निर्देश दिए गए, उपरांत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से पुलिस ने बात की एवं समझाने की कोशिश की किन्तु लोगों की भीड़ अचानक उग्र हो गई एवं पुलिस पर पथराव करने लगे। यह देख पुलिस ने पहले उन्हें चेतावनी दी। इसके बाद भी वे नहीं माने तो टियर गैस के गोले दागे, उपरांत आंसू गैस के गोले छोड़े तब भी प्रदर्शनकारी सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे, तब पुलिस द्वारा अलाउंसमेंट कर चेतावनी दी गई, किन्तु प्रदर्शनकारियों को उग्र होता देख कर पुलिस टीम द्वारा लाठी चार्ज भी किया। उपरांत अनियन्त्रित भीड़ को रोकने एवं सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान से बचाने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश उपरांत फायर किए गए, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए एवं कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए जिन्हें उपचार हेतु डॉक्टर की टीम द्वारा एम्बुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
बलवा ड्रिल रिहर्सल परेड का उद्देश्य-
बलवा मॉक ड्रिल में दोनों ही भूमिकाओं में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी थे। कानून-व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए तथा विपरित परिस्थितियों में भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए अमले को प्रशिक्षण देने और अपनी क्षमताओं की परख करने के लिए समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि कानून व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन इत्यादि के दौरान विपरित परिस्थितियों में पुलिसकर्मी अपने आप को सुरक्षित रखते हुए अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर भीड़ नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
