आदिवासी विधायक पर दबाव डालकर किसने लिया इस्तीफा !

आदिवासी विधायक पर दबाव डालकर किसने लिया इस्तीफा !

भोपाल। बीजेपी विधायक शरद कोल के इस्तीफे का मामला अब गर्मा गया है। शरद कोल ने आरोप लगाया है कि उनसे राजनीतिक दबाव में इस्तीफा लिखवाया गया। उनपर अधिकारियों से दबाव बनवाया गया और उन्हें परेशान करने का षड्यंत्र रचा गया। उन्होने कहा कि जब मैं इनकी गिरफ्त से बाहर आया तो मैंने प्रत्यक्ष उपस्थित होकर विधानसभा सचिव को सब बातें बताई,पत्र दिया कि मैं कोल जाति का अकेला आदिवासी विधायक हूँ। जो सरकार खुद को आदिवासियो का हितैषी बताती थी, अब उसका असली चेहरा सामने आया है। मेरे पास इस्तीफा वापस लेने के साक्ष्य है मैंबीजेपी से निर्वाचित विधायक हूं, 100 प्रतिशत बीजेपी के साथ हूं और आगे भी बीजेपी के साथ ही रहूंगा।

वहीं इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष एक पक्षीय काम कर रहे है। पिछले दिनों के घटनाक्रम को लेकर उन्होने कहा कि 22 विधायकों के इस्तीफे आये थे लेकिन पहले सिर्फ 6 इस्तीफे स्वीकार किये गए और बाद में 16 स्वीकार किये। आखिर सभ इस्तीफे एक साथ स्वीकार क्यों नहीं किये गए।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी विधान सभा अध्यक्ष पर सवाल उठाए हैं। उन्होने कहा कि विधानसभा सचिवालय पर शरद कौल का इस्तीफा स्वीकार करने को लेकर दबाव डाला जा रहा है और विधानसभा  अध्यक्ष निष्पक्ष नहीं है ये वो प्रमाणित कर सकते हैं। उन्होने कहा कि पहले हम सब आसंदी का सम्मान करते थे, अब उतना सम्मान नही बचा है। गोपाल भार्गव ने पूछा है कि आदिवासी विधायक पर दबाव डालकर किसने इस्तीफा लिय।

इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगा रहे थे लेकि विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में हॉर्स ट्रेडिंग करने का प्रयास कर रहे है। उन्होने मांग की कि सरकार तो गई है अब विधानसभा अध्यक्ष पर भी वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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