घर बैठे लाभ कमाएंगी महिलाएं, सरकार ने लांच की यह योजना

घर बैठे लाभ कमाएंगी महिलाएं, सरकार ने लांच की यह योजना

भोपाल| कोरोना (Corona) संकटकाल और लॉक डाउन के बीच महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिलेगा| प्रदेश की शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने इसके लिए जीवन शक्ति योजना लॉन्च की है| जिसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में महिलाएं घर-घर मास्क बनाएंगी तथा लाभ कमाएंगी। सरकार प्रति मास्क उनको 11 रुपए की राशि तुरंत उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने शनिवार को मंत्रालय में जीवन शक्ति योजना (Jeevan Shakti Yojna) की शुरुआत की| उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मास्क बनाने के लिए पंजीयन करा चुकी प्रदेश की कुछ महिलाओं से बातचीत करते हुए कहा कि मास्क बनाकर न केवल आप लाभ कमाएंगी, बल्कि एक पुण्य का कार्य भी करेंगी। मास्क पहनने से लोगों का जीवन बचेगा। मास्क कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकेगा।

ऐसे होगा पंजीयन, मोबाइल पर मिलेगा आर्डर
इच्छुक महिलाओं को अपने दूरभाष अथवा मोबाइल के माध्यम से कॉल सेंटर नंबर 0755-2700800 पर कॉल कर अपना पंजीयन कराना होगा। पंजीयन उपरांत उन्हें उनके मोबाइल पर ही मास्क बनाने का ऑर्डर मिल जाएगा। एक बार में उन्हें कम से कम 200 मास्क बनाने का आर्डर मिलेगा। मास्क सूती कपड़े का बनना है। मास्क बनाने के उपरांत वे अपने नगरीय निकाय में बनाए गए एक नोडल अधिकारी के पास अपने मास्क जमा करा देंगी। मास्क जमा करवाते ही उनको भुगतान की कार्यवाही की जाएगी। भुगतान उसी दिन अथवा अगले दिन उनके खाते में उन्हें प्राप्त हो जाएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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