विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने पर्यटकों को दिया मध्यप्रदेश आने का न्योता, कहा “नदियों के मायके में आपका अभिनंदन है”

पर्यटन का अर्थ सिर्फ घूमना-फिरना नहीं बल्कि दुनिया की खूबसूरती, संस्कृतियों की विविधता और प्रकृति के सौंदर्य को करीब से जानना भी है। विश्व पर्यटन दिवस हमें याद दिलाता है कि हर यात्रा अपने भीतर एक नई कहानी समेटे होती है। ये दिन सिखाता है कि पर्यटन का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि अलग अलग संस्कृतियों को समझना, प्रकृति को सहेजना और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाना भी है।
World Tourism Day

Madhya Pradesh Tourism

आज विश्व पर्यटन दिवस है। इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों और पर्यटन प्रेमियों को बधाई दी है और उन्हें मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि ‘प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, जीवंत लोक संस्कृति व कला और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध मध्यप्रदेश भारत का हृदयप्रदेश है। शिक्षा, शौर्य और संस्कार की इस अतुल्य धरा, ‘नदियों के मायके’ में वे दुनियाभर के पर्यटकों का मैं अभिनंदन करता हूं।’

बता दें कि राजधानी भोपाल में 11 से 13 अक्टूबर के बीत मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट आयोजित होने जा रहा है जो मध्य प्रदेश को वैश्विक पर्यटन बाजार में अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा। यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों को मध्यप्रदेश की धरोहरों से जोड़ेगा और फिल्म पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अवसरों के विस्तार की राह खोलेगा।

विश्व पर्यटन दिवस

हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने इसकी शुरुआत 1980 में की थी। ये दिन पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करता है। पर्यटन न सिर्फ किसी स्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि ये सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामुदायिक विकास और वैश्विक एकता को को बढ़ाने का माध्यम भी बनता है। पर्यटन के माध्यम से लोग विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और जीवनशैलियों को समझ पाते हैं। उन्हें पता चलता है कि दुनिया में कितने अलग अलग स्थान, विविध संस्कृतिया, परंपराएं और प्रकृति का अनमोल खजाना बिखरा हुआ है।

मध्यप्रदेश: सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध राज्य

पिछले कुछ सालों में मध्यप्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। ये प्रदेश अपनी शानदार सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। यहां खजुराहो के मंदिर, साँची के बौद्ध स्मारक और भीमबेटका की प्राचीन गुफाएं जैसी यूनेस्को विश्व धरोहरों का संरक्षक है। भगोरिया आदिवासी नृत्य, गोंड चित्रकला और नर्मदा परिक्रमा को भारत की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया। इसके अलावा, ग्वालियर किला, मांडू, ओरछा, चंदेरी, भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे 15 स्थानों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में जोड़ा गया। साथ ही, अशोक शिलालेख, चौसठ योगिनी मंदिर, गुप्तकालीन मंदिर और बुंदेलखंड के किले जैसे स्थानों को भी वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। ये सभी मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को दुनिया के सामने लाते हैं। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को कई पुरस्कार भी मिले हैं देश दुनिया के पर्यटकों का यहां आने का सिलसिला जारी है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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