Hindi News

क्या सीमांचल क्षेत्र बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? अमित शाह के बिहार दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज, RJD ने साधा निशाना

Written by:Ankita Chourdia
Published:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। सुरक्षा समीक्षा बैठकों के बाद पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसे लेकर विपक्ष ने इसे भाजपा का राजनीतिक एजेंडा करार दिया है।
क्या सीमांचल क्षेत्र बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? अमित शाह के बिहार दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज, RJD ने साधा निशाना

पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया सीमांचल दौरे ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में हुई उच्च-स्तरीय सुरक्षा बैठकों के बाद अब इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या केंद्र सरकार सीमांचल क्षेत्र को एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बनाने पर विचार कर रही है। इस चर्चा ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक नया सियासी मोर्चा खोल दिया है।

अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ लंबी बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य एजेंडा नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, घुसपैठ को रोकना और आंतरिक सुरक्षा तंत्र की समीक्षा करना बताया गया। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इसे सिर्फ एक नियमित प्रशासनिक दौरे से कहीं बढ़कर देख रहे हैं।

केंद्र शासित प्रदेश की चर्चा क्यों हो रही है?

सियासी हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि बिहार के चार सीमावर्ती जिलों-किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार को मिलाकर एक अलग प्रशासनिक इकाई बनाई जा सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि इसमें पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती उत्तरी हिस्सों को भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि, केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से इस पर कोई भी आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है।

सत्ताधारी दल के नेता इस विचार के पक्ष में सुरक्षा और विकास का तर्क दे रहे हैं। उनका मानना है कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। अगर इस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होता है, तो सीमा प्रबंधन, तस्करी पर रोक और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

सुरक्षा की चिंता या राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश?

इस पूरे मामले पर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे भाजपा का एक राजनीतिक एजेंडा बताया है। राजद नेताओं का आरोप है कि मुस्लिम बहुल आबादी वाले सीमांचल क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को बदलने के लिए इस तरह की अफवाहों को जानबूझकर हवा दी जा रही है।

वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि उनके लिए राष्ट्रीय हित और सीमा सुरक्षा सर्वोपरि है। उनका तर्क है कि यदि सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाता है तो इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी मजबूत होगी। फिलहाल, यह मुद्दा पूरी तरह से अटकलों पर आधारित है, लेकिन इसने बिहार की राजनीति में एक बड़ी बहस जरूर छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस पर बयानबाजी और तेज होने की पूरी संभावना है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews