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Bihar Elections: चिराग पासवान बोले- 2 सीटें कम-ज्यादा मायने नहीं, लेकिन सम्मान जरूरी

Written by:Deepak Kumar
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Bihar Elections: चिराग पासवान बोले- 2 सीटें कम-ज्यादा मायने नहीं, लेकिन सम्मान जरूरी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आते ही एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने साफ कहा है कि उनके लिए सीटों की संख्या से ज्यादा सम्मान और जीतने की क्षमता मायने रखती है।

100 परसेंट स्ट्राइक रेट पर अड़े चिराग

चिराग पासवान ने कहा कि वे लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी शत-प्रतिशत स्ट्राइक रेट चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे लिए दो सीटें कम-ज्यादा मायने नहीं रखतीं, लेकिन ऐसी सीटें चाहिएं जिन पर मैं 100 परसेंट जीतकर गठबंधन को मजबूत कर सकूं। सीट बंटवारे का आधार भी यही होना चाहिए।” चिराग का यह बयान एनडीए में उनकी भूमिका और रणनीति को और स्पष्ट करता है।

लोकसभा चुनाव का जिक्र और असर

चिराग पासवान बार-बार लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हैं। साल 2024 में उन्हें पांच सीटें मिली थीं और सभी पर जीत दर्ज हुई थी। यही कारण है कि वे विधानसभा चुनाव में भी उसी मॉडल को लागू करना चाहते हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी इस जीत का असर विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे पर पड़ेगा? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चिराग अपनी पार्टी के लिए ज्यादा सीटें तो नहीं, लेकिन जीत पक्की करने वाली सीटों की मांग करेंगे।

एनडीए के भीतर सीट बंटवारे की गहमागहमी

बिहार की 243 सीटों पर एनडीए के पांचों घटक दल अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू को 102-103, बीजेपी को 101-102, एलजेपी (रामविलास) को 25-28, हम को 6-7 और आरएलएम को 4-5 सीटें मिल सकती हैं। हाल ही में नीतीश कुमार और गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के बाद सीट बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है। ऐसे में चिराग की शर्त ने इस समीकरण को और पेचीदा बना दिया है।

नतीजा और चुनौती

चिराग पासवान का बयान स्पष्ट करता है कि वे सीटों की संख्या से ज्यादा अपनी पार्टी की साख और एनडीए में अपनी मजबूती पर ध्यान दे रहे हैं। हालांकि, एनडीए के भीतर सीट बंटवारे की जंग आसान नहीं दिख रही। अब देखना होगा कि चिराग की शर्त को गठबंधन कितनी गंभीरता से लेता है और सीटों का अंतिम फॉर्मूला क्या निकलता है।