पटना: बिहार सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने विधानसभा में यह बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले साल के मुकाबले आकार में बड़ा है। सरकार का कहना है कि यह बजट ‘ज्ञान, ईमान, विज्ञान, अरमान और सम्मान’ के पांच स्तंभों पर आधारित है, जिसका लक्ष्य बिहार को तेजी से विकास के पथ पर आगे ले जाना है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने ‘विकसित बिहार’ के निर्माण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजनाओं के माध्यम से बिहार को एक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बजट के प्रमुख आंकड़े
वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष का बजट 3,47,589 करोड़ रुपये का है। यह मौजूदा वित्तीय वर्ष के 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट से काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बजट का आकार लगातार बढ़ा है, जो राज्य की आर्थिक प्रगति को दर्शाता है। सरकार को आगामी वर्ष में अपने कर राजस्व से लगभग 65,800 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने बिहार की आर्थिक विकास दर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास दर लगातार तेज हो रही है और आगामी वर्ष में इसके 14.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जो देश में सबसे तेज विकास दरों में से एक होगी।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण पर जोर
सरकार ने अपने नारे ‘न्याय के साथ विकास’ के अनुरूप सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए 7,724 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
“1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। जिन्होंने इस राशि का उपयोग व्यवसाय शुरू करने में किया होगा, उन्हें जल्द ही अतिरिक्त दो लाख रुपये दिए जाएंगे।”- बिजेंद्र यादव, वित्त मंत्री
इस योजना को सत्तारूढ़ NDA के लिए पिछले चुनावों में एक महत्वपूर्ण कारक माना जाता है। सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय सहायता के माध्यम से महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनें।





