बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार (03 सितंबर, 2025) को गयाजी पहुंचे और आगामी पितृपक्ष मेले की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। गयाजी को ‘मोक्षस्थली’ के रूप में जाना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपने पितरों के श्राद्ध और पिंडदान के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने देवघाट, रबर डैम और फल्गु नदी तट पर जाकर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया।
पितृपक्ष के दौरान जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
पितृपक्ष मेला हर साल आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक आयोजित होता है। इस दौरान देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। प्रशासन के अनुसार इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने मेले क्षेत्र की सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
भीड़ और यातायात प्रबंधन पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले पिंडदानियों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए, सफाई और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मी तैनात किए जाएं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं को कहीं भी असुविधा नहीं होनी चाहिए और रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।
6 से 22 सितंबर तक लगेगा मेला
इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बता दें कि इस वर्ष गयाजी में 6 से 22 सितंबर तक पितृपक्ष मेला आयोजित होगा। सनातन धर्म में पिंडदान को एक महत्वपूर्ण कर्मकांड माना जाता है और गयाजी इसके लिए सर्वोत्तम स्थान माना जाता है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण और प्रशासनिक तैयारियों से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोग भी मानते हैं कि सरकार की इस सक्रियता से मेला और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित होगा।





