कांग्रेस ने बिहार में अपनी पकड़ ढीली पड़ने के बाद कुछ ठोस कदम उठाए हैं। दरअसल पार्टी ने ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत यह पुनर्गठन किया है। इसका उद्देश्य पार्टी को और अधिक सशक्त, सक्रिय और जन-जन से जोड़ना है। हाल के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन चिंताजनक रहा है। 2025 विधानसभा चुनाव में पार्टी ने कुल 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इनमें से सिर्फ छह पर ही जीत हासिल कर पाई। वहीं इससे पहले 2020 के विधानसभा चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, जब उसने 70 सीटों में से केवल 19 पर ही जीत दर्ज की थी। इन आंकड़ों ने पार्टी नेतृत्व को बिहार में तत्काल संगठनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर देने के लिए मजबूर किया।

दरअसल इस पुनर्गठन की प्रक्रिया में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं इन पर्यवेक्षकों ने जिला स्तर पर गहन समीक्षा की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करके विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इन रिपोर्टों में जमीनी हकीकत और संगठनात्मक कमजोरियों को उजागर किया गया था। इसके बाद, पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने पर्यवेक्षकों के साथ व्यक्तिगत चर्चाएं कीं और इन चर्चाओं के आधार पर अंतिम निर्णय लिया गया। जानकारी दे दें कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।

आंतरिक चुनौतियों और क्रॉस वोटिंग से बढ़ी चिंता

दरअसल बिहार कांग्रेस के सामने आंतरिक चुनौतियां भी गंभीर रही हैं, जिन्होंने पार्टी की स्थिति को और कमजोर किया है। फरवरी 2024 में बिहार फ्लोर टेस्ट के दौरान कई कांग्रेस विधायक क्रॉस वोटिंग में शामिल पाए गए थे। इस घटना ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और एकजुटता की कमी को दिखाया। वहीं इसके अलावा, 2026 के राज्यसभा चुनाव में भी छह कांग्रेस विधायकों में से तीन मतदान में अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अमरेंद्र धारी सिंह भाजपा के शिवेश कुमार राम से हार गए। इन घटनाओं ने पार्टी नेतृत्व को आंतरिक चुनौतियों को गंभीरता से लेने और जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया।

कई प्रमुख जिलों में नए डीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किए गए

वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के कार्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, कई प्रमुख जिलों में नए डीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। दरअसल इन नवनियुक्त अध्यक्षों में अररिया से मोहम्मद मासूम रजा, अरवल से मोहम्मद कैफ, औरंगाबाद से आनंद शंकर सिंह, बांका से जितेंद्र सिंह, बेगूसराय से शिव प्रकाश गरीबदास, भागलपुर से प्रवीन सिंह कुशवाह और भोजपुर से डॉ. श्रीधर तिवारी शामिल हैं। बक्सर के लिए पंकज कुमार उपाध्याय, दरभंगा ग्रामीण के लिए मिथिलेश चौधरी, दरभंगा शहरी के लिए डॉ. जमाल हसन, शेरघाटी-बोधगया के लिए संतोष कुमार, गया के लिए रजनीश कुमार और गोपालगंज के लिए ओम प्रकाश गर्ग को डीसीसी अध्यक्ष बनाया गया है। इन सभी नियुक्तियों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पार्टी को गति देना है।