Bihar Election Result 2025: कांग्रेस ने हार का दोष SIR और EVM पर मढ़ा, दिग्विजय सिंह बोले- जो मेरा शक था वही हुआ

Digvijaya Singh

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बिहार चुनावों का जो परिणाम (Bihar Election Result 2025) दिखाई दे रहा है उसने न सिर्फ एक्जिट पोल को सही साबित कर दिया है बल्कि उसे बहुत पीछे छोड़ दिया है, जिस समय हम ये खबर लिख रहे हैं उस समय NDA को प्रचंड बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है, NDA 190 सीटों पर आगे दिखाई दे रही है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडी गठबंधन 50 सीटों के आसपास दिखाई दे रहा है जिसमें कांग्रेस को मात्र 4 सीटों पर बढ़त दिखाई दे रही है, हालाँकि अभी परिणाम की घोषणा शेष है लेकिन कांग्रेस ने हार का ठीकरा एसआईआर और ईवीएम पर फोड़ दिया है।

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार बताया है लेकिन इस बार उन्होंने उसके सहयोगी के तौर पर एसआईआर को भी बराबर का जिम्मेदार बता दिया है, बिहार चुनाव परिणाम में पार्टी और गठबंधन को मिली हार पर दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी।

कांग्रेस को अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता

उन्होंने X पर लिखा – “जो मेरा शक था वही हुआ। 62 लाख वोट कटे 20 लाख वोट जुड़े उसमें से 5 लाख वोट बिना SIR फॉर्म भरे बड़ा दिए गए। अधिकांश वोट गरीबों के दलितों के अल्प संख्यक वर्ग के कटे। उस पर EVM पर तो शंका बनी हुई है। कांग्रेस को अपने संगठन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। आज का चुनाव मतदान केंद्र पर सघन जनसंपर्क का है ना कि रैली व जनसभा का। उन्होंने
विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।

ये मैनिपुलेटेड मतदाता सूची और मैनिपुलेटेड EVM का कमाल

दिग्विजय सिंह ने कहा मैं जब बिहार गया था तो मुझे कहीं नहीं लग रहा था कि एकतरफा परिणाम आयेगा मुझे बराबर की लड़ाई दिख रही थी, नजर इस बात पर थी कि प्रशांत किशोर की पार्टी और ओवैसी की पार्टी कितने वोट काटती है , कुछ एक्जिट पोल 180, 160 सीटें बता रहे हैं लेकिन मेरा मत ये है यदि 140 से ज्यादा सीटों से NDA जीतती है तो ये मैनिपुलेटेड मतदाता सूची और मैनिपुलेटेड EVM का कमाल होगा।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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