पटना के मोखामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने नया मोड़ ला दिया है। अनुमंडलीय अस्पताल में तीन सदस्यीय डॉक्टरी टीम—डॉ. अजय कुमार, डॉ. रोहन और डॉ. दिलीप—ने उनका पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं हुई, बल्कि आंतरिक चोटों के कारण हुई।
डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बाएं पैर में गोली लगी थी, जो ठेहुना के आर-पार हो गई, लेकिन इससे मौत नहीं हो सकती। पूरे शरीर में चोट के निशान थे, सीने में गंभीर चोट थी। सीने की हड्डी और पसलियां कई जगह से टूटी हुई थीं, बाईं छाती की हड्डी अंदर धंसी हुई थी। 10-12 एक्स-रे भी किए गए। रिपोर्ट में ब्रेन हेमरेज से मौत के थोड़े आसार भी जताए गए हैं, लेकिन गाड़ी के टायर के निशान शरीर पर नहीं मिले।
अंतिम यात्रा के दौरान भारी बवाल
दुलारचंद यादव की अंतिम यात्रा के दौरान भारी बवाल हुआ। बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर निकले और ‘अनंत सिंह को फांसी दो’ के नारे लगाए। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति संभाली, लेकिन हंगामा शाम तक जारी रहा।
अनंत सिंह की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग
मृतक के परिजनों और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव आयोग से अनंत सिंह की उम्मीदवारी रद्द करने, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने और फांसी देने की मांग की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।





