पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानों की तल्खी बढ़ गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को नीतीश सरकार पर चौतरफा हमला करते हुए राज्य की वित्तीय और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि 21 साल के शासन के बाद बिहार आज देश का सबसे पिछड़ा, गरीब और बेरोजगार राज्य बन चुका है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार ने इतने लंबे कार्यकाल में बिहार को सिर्फ अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन और अफसरशाही दी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भ्रष्टाचारियों ने सरकारी खजाना खाली कर दिया है और जल्द ही ऐसी स्थिति आ सकती है जब कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं बचेंगे।
‘हर क्षेत्र में फिसड्डी हो गया बिहार’
तेजस्वी यादव ने आंकड़ों का हवाला दिए बिना दावा किया कि चाहे उद्योग और निवेश का क्षेत्र हो या शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल, बिहार हर पैमाने पर फिसड्डी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को एक लंबा मौका दिया, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहे।
“बिहार दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में है और राज्य को एक ‘अचेत मुख्यमंत्री’ मिले हैं। सदन में जब सवाल पूछे जाते हैं तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं होता, वही घिसी-पिटी बातें दोहराई जाती हैं।”- तेजस्वी यादव, नेता प्रतिपक्ष
कानून-व्यवस्था और बजट पर भी घेरा
राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि प्रदेश में हर दिन हत्या, अपहरण और गैंगरेप जैसी संगीन घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कहीं कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती। उन्होंने हालिया बजट को भी आम जनता के लिए निराशाजनक बताया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार में न तो कोई सुनवाई है और न ही कोई कार्रवाई होती है, जिससे अफसरशाही हावी हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह आक्रामक रुख विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह कानून-व्यवस्था और आर्थिक बदहाली जैसे मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है।





