बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर पुलिस मुख्यालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव में किसी तरह की अवैध गतिविधि को रोकने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के तहत पांच विशेष सेल बनाए गए हैं। इनका काम मॉनिटरिंग से लेकर कार्रवाई तक करना होगा।
डीआईजी (आर्थिक अपराध) मानवजीत सिंह ढिल्लो ने गुरुवार को मीडिया को जानकारी दी कि इन पांच सेल का गठन चुनाव के दौरान सशक्त मॉनिटरिंग के लिए किया गया है। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक, साइबर अपराध पर निगरानी, सोशल मीडिया पर गतिविधियों की मॉनिटरिंग, फर्जी मुद्रा रोकथाम और कैश के अवैध लेनदेन पर नजर रखने वाले सेल शामिल हैं।
सभी सेल को दिए गए सख्त निर्देश
ढिल्लो ने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी सेल को पूरी तरह सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ बैठक कर रणनीति पर चर्चा हुई है। लक्ष्य है कि हर अवैध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पदाधिकारियों की तैनाती और सतत मॉनिटरिंग
इन पांचों सेल में अलग-अलग स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। पुलिस मुख्यालय इनकी सतत मॉनिटरिंग करेगा। रोजाना के कामकाज की रिपोर्टिंग ईओयू के माध्यम से होगी और थानों के साथ सीधा समन्वय स्थापित किया जाएगा।
पारदर्शी चुनाव पर फोकस
चुनाव के समय कैश के अवैध प्रवाह की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए खुफिया जानकारी जुटाने और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर रहेगा। इन सेल का उद्देश्य चुनाव को पारदर्शी बनाना और किसी भी तरह के कदाचार को रोकना है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इन कदमों से चुनाव प्रक्रिया और भी सख्त निगरानी में रहेगी।





