आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: ‘भव्या’ सिस्टम से बिहार देश में अव्वल, 5.21 करोड़ टोकन बनाकर बनाया रिकॉर्ड

बिहार ने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के सफल कार्यान्वयन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान मिला है। यह सफलता मुख्यमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य योजना के तहत शुरू किए गए 'भव्या' सिस्टम की वजह से मिली है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन: 'भव्या' सिस्टम से बिहार देश में अव्वल, 5.21 करोड़ टोकन बनाकर बनाया रिकॉर्ड

स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में बिहार ने देशभर में कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य को सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिला है। यह घोषणा ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित एक राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में की गई।

स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के मार्गदर्शन में किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।

कैसे ‘भव्या’ ने बदली तस्वीर

बिहार की इस सफलता के केंद्र में ‘भव्या’ (बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विजनरी योजना फॉर ऑल) नामक एक स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) है। इसे नवंबर 2023 में मुख्यमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य योजना के तहत लॉन्च किया गया था। इस दूरगामी परिकल्पना को वर्तमान मुख्य सचिव एवं तत्कालीन स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा तैयार किया गया था।

इस प्रणाली को राज्य के सभी 594 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक, सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इसके जरिए सरकारी अस्पतालों में एक सुव्यवस्थित और कागज रहित स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित हुई, जिसमें जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित की गई।

आंकड़ों में बिहार की सफलता

राज्य के बेहतर प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘स्कैन एंड शेयर’ पहल के तहत बिहार ने अब तक 5.21 करोड़ टोकन जेनरेट किए हैं, जो देश में सर्वाधिक है। इसके अलावा कई अन्य मानकों पर भी बिहार ने शानदार प्रदर्शन किया है:

राज्य में अब तक 6.80 करोड़ आभा पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) तैयार करने के मामले में बिहार ने देश में चौथा स्थान हासिल किया है। डिजिटल स्वास्थ्य प्रोत्साहन योजना (DHIS) के तहत 7,835 सरकारी अस्पतालों का पंजीकरण किया गया और 37.60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का दावा किया गया, जो देश में सबसे अधिक है।

इस नवाचार और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘भव्या’ परियोजना को ‘ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट 2024’ में इनोवेशन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। यह पुरस्कार बिहार के डिजिटल स्वास्थ्य मॉडल की राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सराहना को दर्शाता है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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