भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी के तहत वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। 01 सितंबर 2025 को आपत्ति दर्ज कराने का आखिरी दिन है। आयोग के मुताबिक, अब तक सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) से आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को जारी की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि दावे और आपत्तियां केवल निर्धारित प्रपत्रों फॉर्म-6 और फॉर्म-7 के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। यह कदम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केवल दो दलों ने दर्ज की आपत्तियां
निर्वाचन आयोग के अनुसार, आरजेडी ने 10 आपत्तियां दर्ज कराई हैं जबकि सीपीआई (एम-एल) लिबरेशन ने 15 नाम जोड़ने और 103 नाम हटाने की मांग की है।
मतदाता सूची में व्यापक संशोधन की प्रक्रिया
निर्वाचकों से सीधे प्राप्त दावों में 33,326 नाम जोड़ने और 2,07,565 नाम हटाने का अनुरोध किया गया। इनमें से 38,342 मामलों का निस्तारण 7 दिनों में कर लिया गया।
नए मतदाताओं से बड़े पैमाने पर आवेदन
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए मतदाताओं से 15,32,438 दावे फॉर्म 6 और घोषणा पत्र के माध्यम से प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 81,073 का निस्तारण हो चुका है।
निर्धारित प्रपत्रों की अनिवार्यता
आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल फॉर्म 6 और 7 पर आधारित आवेदन ही मान्य होंगे। सामान्य शिकायतों को आपत्ति नहीं माना जाएगा।
30 सितंबर को जारी होगी फाइनल लिस्ट
निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले अपने दावे दर्ज कराएं ताकि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।





