बिहार के सासाराम से शुरू हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ सोमवार, 01 सितंबर 2025 को पटना में समापन पर पहुँची। इस मौके पर विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी की यात्रा की तारीफ करते हुए कहा कि यह तीसरी यात्रा देश की राजनीति को नई दिशा दे रही है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को सुरक्षित रखना और संविधान की रक्षा करना है। पप्पू यादव ने कहा कि बिहार की जनता आज राहुल गांधी के विचारों के साथ खड़ी है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं।
राहुल गांधी और लोकतंत्र की रक्षा
सांसद पप्पू यादव ने यह भी कहा कि देशभर में वोट चोरी के खिलाफ जनता में गुस्सा बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी वोट चोरी करने की कोशिश सफल नहीं होगी। पप्पू यादव ने बताया कि बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आने वाले दिनों में देश में बड़े बदलाव लाने में सक्षम होंगे। उनके अनुसार यह यात्रा केवल वोटर अधिकार के लिए नहीं, बल्कि न्याय और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
सत्तापक्ष ने यात्रा को विफल बताया
वहीं बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने इस पैदल मार्च को नौटंकी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह लोग लोकतंत्र के दुश्मन हैं, जिन्हें जनता स्वीकार नहीं कर सकती। मंत्री अशोक चौधरी ने यात्रा को विफल बताया और दावा किया कि इसमें शामिल लोग कभी वोटर्स में तब्दील नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि रोड शो में लोगों की मौजूदगी और उनका वोट देने की क्षमता अलग-अलग बातें हैं। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन के चलते इसका कोई वास्तविक असर बिहार में नहीं होगा।
यूपी कांग्रेस नेताओं का बयान
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय चौधरी ने यात्रा को पूरे देश में बदलाव की बयार बताई। उन्होंने कहा कि बिहार से शुरू हुई यह यात्रा देशभर में अपना संदेश फैला रही है। उन्होंने पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी से जुड़े सवाल पर साफ किया कि उनकी पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता ने अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया। यूपी कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि पटना मार्च देश को यह संदेश देगा कि सत्ता में बैठे लोग वोट चोरी के दम पर हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव डालते हुए कहा कि लोगों के मताधिकार का संरक्षण सुनिश्चित करना उनका मौलिक कर्तव्य है।





