बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ का सिलसिला तेज हो गया है। मंगलवार (02 सितंबर, 2025) को जन अधिकार पार्टी (जाप) की युवा इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बबन यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू का दामन थाम लिया। इसके साथ ही बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. सुरेंद्रनाथ सिन्हा भी जेडीयू में शामिल हो गए। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के आने से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
उमेश कुशवाहा ने दिलाई सदस्यता
इस मौके पर जेडीयू प्रदेश कार्यालय में मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बबन यादव और डॉ. सुरेंद्रनाथ सिन्हा को सदस्यता दिलाई। इसके साथ ही कई पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी जेडीयू का दामन थामा। जेडीयू के एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विकास नीतियों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं।
समारोह में जुटे कई दिग्गज नेता
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम के दौरान विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता सह कोषाध्यक्ष ललन कुमार सर्राफ, मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, प्रो. नवीन आर्य चंद्रवंशी, सतीश कुमार, अनिल कुमार, डॉ. भारती मेहता, अंजुम आरा और विरेंद्र दांगी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। नेताओं ने नए साथियों का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा से परिचित कराया।
जनसंवाद यात्रा को मिली हरी झंडी
उधर, मंगलवार को जेडीयू की “अतिपिछड़ा जनसंवाद यात्रा” की शुरुआत की गई। इसे पार्टी कार्यालय से जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बताया गया कि यह यात्रा सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाएगी और अति पिछड़ा समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नीतीश सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएगी। चुनावी माहौल में जेडीयू का यह कदम संगठन को मजबूत करने और वोटरों को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।





