“न्यायिक जांच आयोग के गठन का औचित्य ही क्या..” भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी दे दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

बिहार में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठेगा। रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
“न्यायिक जांच आयोग के गठन का औचित्य ही क्या..” भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी दे दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा

बिहार के भोजपुर जिले के भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में बवाल मचा हुआ है। विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध रहा है। इस बीच, मामले में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है।

बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पहले कई सवाल उठा चुके हैं जैसे भरत के पास पिस्तौल कहां से आई और उस पर एससी एसटी का मामला दर्ज था लेकिन अब उन्होंने पुलिस के समर्थन में बड़ा बयान दे दिया है। जिसके बाद सियासत में हलचल मच गई है।

भरत तिवारी एनकाउंटर पर जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया

जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि यह पता लगाने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है कि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी या भरत तिवारी की हत्या करने की नीयत से कार्रवाई की गई थी। ऐसे में आयोग की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले यह निष्कर्ष निकालना कि भरत तिवारी की हत्या ही हुई है, उचित नहीं है। मांझी ने कहा कि यदि सरकार में शामिल कुछ लोगों को पहले से ही यह विश्वास है कि यह हत्या का मामला है, तो फिर न्यायिक जांच आयोग के गठन का औचित्य ही क्या है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पहले से ही दोष तय कर लिया गया है, तो आयोग को भंग कर देना चाहिए और यदि संबंधित अधिकारी दोषी हैं, तो कानून के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस के साथ मुठभेड़ में भरत तिवारी का एनकाउंटर

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस और भरत तिवारी के बीच हुई मुठभेड़ हुई थी जिसमें भरत तिवारी की मौत हो गई थी। इससे एक दिन पहले भरत तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर एक थानेदार पर पिस्टल तानकर धमकी देता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद भोजपुर पुलिस ने कहा था कि भरत तिवारी मानसिक रूप से अस्वस्थ था और उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसके अगले दिन पुलिस ने उसे घेर लिया और मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से भरत तिवारी की मौत हो गई।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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