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खान सर-रौशन सर विवाद पर पप्पू यादव का बड़ा बयान, बोले- ‘क्रिमिनल जैसा बर्ताव गलत, ये अहंकार की लड़ाई’

Written by:Ankita Chourdia
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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने खान सर और रौशन सर विवाद पर बड़ा बयान दिया है। दरअसल उन्होंने कहा कि दोनों शिक्षकों को अपराधियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, यह अहंकार की लड़ाई है।

पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव ने खान सर और रौशन सर के बीच चल रहे विवाद पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि इस पूरे मामले में दोनों ही शिक्षकों को किसी अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। दरअसल पप्पू यादव ने इस बढ़ती तनातनी को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला है, जिससे बिहार की राजनीति और शिक्षा जगत में नई बहस छिड़ गई है।

दरअसल सांसद पप्पू यादव ने जोर देकर कहा कि खान सर (फैजल खान) और रौशन सर (रौशन आनंद) दोनों के ज्ञान पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोचिंग संस्थानों के बीच की यह कॉम्पिटिशन ‘मलयुद्ध’ का रूप न ले। पप्पू यादव ने कुछ ऐसे तत्वों की ओर इशारा किया जो अच्छी और प्रतिष्ठित संस्थाओं को बदनाम करने में लगे रहते हैं, और इसे कोई नई परिघटना नहीं बताया। उनके अनुसार, प्रतिस्पर्धा होना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह सामान्य बात है।

कुछ लोग इस स्थिति का ‘मजा’ ले रहे हैं : पप्पू यादव

दोनों शिक्षकों का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि एक शिक्षक का सम्मान वैश्विक स्तर पर है, जबकि दूसरे ने पिछले पांच सालों में अपने ज्ञान को बेहद प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाया है। उन्होंने दोहराया कि दोनों के ज्ञान या उनकी प्रतिस्पर्धा पर किसी को भी सवाल उठाने का हक नहीं है, और दोनों ही आदरणीय व्यक्ति हैं। हालांकि, जिस तरीके से कुछ लोग इस स्थिति का ‘मजा’ ले रहे हैं और इन शिक्षकों को अपराधियों जैसा व्यवहार कर रहे हैं, वह सरासर गलत है और अस्वीकार्य है।

ये अहंकार की लड़ाई: पप्पू यादव

वहीं पप्पू यादव ने इस पूरे विवाद को ‘अहंकार की लड़ाई’ के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि न तो रौशन सर घटना स्थल पर मौजूद थे और न ही खान सर ने खुद गोली चलाई। गार्ड द्वारा गोली चलाया जाना एक गलत कार्रवाई थी। सांसद ने रौशन आनंद को जेल भेजे जाने को भी गलत ठहराया, क्योंकि वे उस समय वहां उपस्थित नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया, “एक शिक्षक और डॉक्टर को बाउंसर की क्या जरूरत है? इस मलयुद्ध की आखिर क्या आवश्यकता है?” पप्पू यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह ‘हम बड़ा तो हम बड़ा’ वाली सोच का परिणाम है और इसमें पैसों का कोई बहुत बड़ा टकराव नहीं है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

वहीं इस विवाद की शुरुआत 2 जून को हुई थी, जब खान कोचिंग के बाहर गोलीबारी और मारपीट के गंभीर आरोप सामने आए। अगले ही दिन, 3 जून को ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक पर प्राथमिकी दर्ज की गई और रौशन आनंद सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया। 4 जून को इस घटना का एक नया वीडियो सामने आया, जिसने मामले को और गरमा दिया। इस वीडियो के आधार पर खान सर के दो बॉडीगार्ड को गिरफ्तार किया गया और पुलिस ने खान सर से भी गहन पूछताछ की। आज, 5 जून को, खान सर से एक बार फिर पूछताछ की संभावना है, जिससे मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन ने छात्रों को भी महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी के भी बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मुख्य रूप से दो कोचिंग संस्थानों के बीच की व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का मामला है और वे इस पर कानून के अनुसार ही कार्रवाई करेंगे।

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