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मुंगेर ITC में ‘बड़ा बवाल’! यूनियन चुनाव विवाद गहराया, कर्मचारियों ने लगाया ‘साजिश का आरोप’

Written by:Deepak Kumar
Published:
मुंगेर ITC में ‘बड़ा बवाल’! यूनियन चुनाव विवाद गहराया, कर्मचारियों ने लगाया ‘साजिश का आरोप’
बिहार के मुंगेर स्थित आईटीसी में मजदूर यूनियन चुनाव को लेकर हालात लगातार गर्म होते जा रहे हैं। 12 सितंबर को होने वाला यूनियन चुनाव यूनियन अध्यक्ष अजफर शमशी और सियाराम यादव द्वारा कार्यकारिणी समिति भंग न करने के कारण रद्द कर दिया गया। इसे लेकर रविवार को आईटीसी यूनियन भवन में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें 200 से अधिक कर्मियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मजदूरों ने अपनी मांगें और रणनीति तय की। यूनियन चुनाव में लगातार विलंब और चुनाव प्रक्रिया को टालने के आरोपों ने कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ा दी है। इस मामले में विवाद बढ़ने के साथ आंदोलन की संभावना भी जताई जा रही है।

यूनियन चुनाव रद्द, कर्मचारियों में नाराजगी


आईटीसी यूनियन चुनाव 12 सितंबर को होना था, लेकिन यूनियन अध्यक्ष अजफर शमशी और सियाराम यादव द्वारा कार्यकारिणी समिति भंग नहीं करने के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी देखने को मिली। मजदूरों का आरोप है कि चुनाव को लगातार टालकर यूनियन में बैठे अधिकारी और नेताओं ने अपनी सत्ता बनाए रखी और कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज किया।

बैठक में तय हुई रणनीतिॉ

रविवार को आईटीसी यूनियन भवन में आयोजित बैठक में 200 से अधिक कर्मियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कर्मचारियों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर रणनीति बनाई और तय किया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। साथ ही शहर में बैनर-पोस्टर लगाए जाने और पटना तक प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई।

मजदूरों के आरोप

आईटीसी यूनियन के सदस्य जयराज गौतम ने कहा कि वे कई बार चुनाव कराने की मांग कर चुके हैं। लेकिन यूनियन के वर्तमान अध्यक्ष और उनके सहयोगियों ने षड्यंत्र रचकर चुनाव प्रक्रिया को रोक रखा है। इसके चलते संघर्षशील मजदूर और कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज होगा।

नारेबाजी और प्रदर्शन का संकेत


सभा स्थल पर उपस्थित यूनियन के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। आईटीसी चुनाव चोर, गद्दी छोड़ जैसे नारे लगाए गए। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यूनियन में चुनाव रद्द होने के कारण कर्मचारियों में गुस्सा और आंदोलन की संभावना बढ़ गई है।

अजफर शमशी का पक्ष

आईटीसी यूनियन के निवर्तमान अध्यक्ष और भाजपा नेता अजफर शमशी ने फोन पर बातचीत में कहा कि यूनियन चुनाव को लेकर मामला कोर्ट में है। जब तक कोर्ट इस पर निर्णय नहीं लेता, तब तक वह कुछ भी नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि जो लोग कोर्ट जाना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं। शमशी ने यह भी जोड़ते हुए कहा कि कानून और प्रक्रिया के अनुसार ही आगे कदम उठाए जाएंगे।

आंदोलन की संभावना और कर्मचारियों की मांग

कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद करने के लिए हर कदम उठाने के लिए तैयार हैं। बैठक में तय किया गया कि यदि यूनियन चुनाव नहीं हुआ और कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे पटना में जाकर प्रदर्शन करेंगे और अपनी हक की लड़ाई लड़ेंगे। इस मामले ने आईटीसी के अंदर और बाहर माहौल गर्म कर दिया है और आगामी दिनों में राजनीतिक और मजदूर संगठनों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
Deepak Kumar
लेखक के बारे में
तेज ब्रेकिंग के साथ सटीक विश्लेषण और असरदार लेखन में माहिर हैं। देश-दुनिया की हलचल पर नजर रखते हैं और उसे सरल व असरदार तरीके से लिखना पसंद करते हैं। तीन सालों से खबरों की दुनिया से जुड़े हैं। View all posts by Deepak Kumar
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