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दिल्ली के बाद मुजफ्फरपुर के अस्पताल में भड़की आग, 3 मरीजों की मौत की आशंका, कई गंभीर

Written by:Diksha Bhanupriy
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दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद बिहार में भीषण हादसा हो गया है। यहां के प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई। इस घटना से कई मरीज प्रभावित हुए हैं।

दिल्ली में हुए अग्निकांड की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि बिहार से एक बड़े हादसे की जानकारी सामने आई है। यहां मुजफ्फरपुर के अस्पताल में भीषण आग लग गई है जिसकी चपेट में कई मरीज आ गए हैं। ये हादसा गुरुवार की सुबह तड़के 3 बजे हुआ।

अब तक जो जानकारी सामने आ रही है। उसके मुताबिक मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े अस्पताल प्रसाद में यह हादसा हुआ है। यहां आईसीयू में शॉर्ट सर्किट के बाद भयानक आग लग गई। जिसके चलते वहां भर्ती कई मरीजों की जान चली गई। अब तक कितने लोगों की मौत हुई है इसका सही आंकड़ा सामने नहीं आ पाया है लेकिन 3 लोगों की मौत की आशंका है। वहीं जो तस्वीरें सामने आई है उससे पता चलता है कि स्थिति कितनी भयावह थी।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग

यह आशंका का जताई जा रही है कि इस भयानक आग की वजह आईसीयू में हुआ शॉर्ट सर्किट है। घटना की सूचना मिलते ही फायर डिपार्टमेंट और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। वहां मौजूद लोगों की मदद से अंदर फंसे मरीजों को रेस्क्यू किया गया। ये बताया जा रहा है कि यहां 15 मरीज भर्ती थे। इनमें से कई की हालत गंभीर है।

कितने लोग हताहत

इस मामले को लेकर फायर ऑफिसर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सुबह 3:55 पर यह सूचना मिली कि प्रसाद अस्पताल के आईसीयू में आग लग गई है। इसके बाद मौके पर 6 फायर ट्रक भेजे गए। यहां 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया वहीं तीन को नहीं बचाया जा सका।

वहीं मुजफ्फरपुर डीएम की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक मरीज के लिए 13 बेड थे और दो बेड एक्स्ट्रा रखे गए थे। अंदर 13 मरीज भर्ती थे दो और मरीज की हो सकते हैं। आईसीयू में ऑक्सीजन से लेकर हार्ट मॉनिटर कई मशीन होती है इनमें से ही किसी में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका है। आग लगने की वजह से धुआं फैल गया और मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है और स्थिति नियंत्रण में है। आईसीयू के मरीज गंभीर स्थिति में होता है इसलिए उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है।

अस्पताल में नहीं कोई जिम्मेदार

इस दर्दनाक हादसा में अस्पताल के कार्य शैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना से हताहत लोगों का कहना है कि आग लगने के बाद चिकित्सक और कर्मचारी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर चले गए। मरीज के परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की मदद नहीं की गई है।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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