दिल्ली में लगातार हो रही अग्निकांड की घटनाओं पर अब सवाल उठने लगे हैं, खासकर मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को घटना स्थल का दौरा किया और मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए सरकार को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया। दरअसल उन्होंने इस हृदय विदारक हादसे के लिए सरकार, नगर निगम, फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की कथित मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी चेतावनी दी कि जब तक अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।
दरअसल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अनुपस्थिति पर भी गहरा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद मुख्यमंत्री का घटना स्थल पर नहीं पहुंचना बेहद असंवेदनशील रवैया दर्शाता है। ऐसे समय में जब पीड़ित परिवारों को सरकार के साथ खड़े होने की आवश्यकता थी, मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या सरकार को इन बेगुनाह मौतों से कोई सरोकार नहीं है?
देवेंद्र यादव ने BJP पर लगाया गंभीर आरोप
वहीं देवेंद्र यादव ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में दिल्ली में यह चौथा बड़ा हादसा है, जिसमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शासित नगर निगम और पुलिस की मिलीभगत के कारण ही राजधानी में अवैध गतिविधियां फल-फूल रही हैं। यादव ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं सरकार की प्रशासनिक विफलता और भ्रष्ट व्यवस्था का सीधा परिणाम हैं, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं।
किसकी मिलीभगत से यह सब चल रहा था?: देवेंद्र यादव
दरअसल इस भीषण अग्निकांड के लिए देवेंद्र यादव ने सीधे तौर पर फायर विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस इमारत में यह व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं, वहां नियमों की घोर अनदेखी की गई। यादव ने तीखा सवाल उठाया कि जब रेस्टोरेंट को केवल पांच से छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, तो आखिर बीस से पच्चीस कमरे कैसे संचालित किए जा रहे थे? क्या निगम, फायर विभाग और लाइसेंसिंग अधिकारियों ने इन मानकों को ताक पर रखकर अनुमति दी थी? और यदि नहीं, तो किसकी मिलीभगत से यह सब चल रहा था?
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी के शासन में दिल्ली का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन पर भ्रष्ट अधिकारियों का प्रभाव बढ़ गया है और जवाबदेही लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। यादव ने दावा किया कि दिल्ली का बुनियादी ढांचा लगातार कमजोर हो रहा है और विभिन्न विभागों में उच्च स्तर तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। इस भ्रष्टाचार का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
देवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये मुआवजा दिए जाने को अपर्याप्त बताया। उन्होंने दिल्ली सरकार से मृतकों और घायलों के लिए अतिरिक्त और उचित मुआवजे की तत्काल घोषणा करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि राजधानी में लगातार हो रही इमारत ढहने और अग्निकांड जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों की जवाबदेही तय की जाए। निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और बेगुनाह जानें जाने से बच सकें।






