पटना में एक बार फिर कोचिंग संस्थानों का मामला गरमा गया है। दरअसल चर्चित शिक्षक खान सर के संस्थान पर हमला हुआ। पत्थरबाजी की गई, तोड़फोड़ हुई और पोस्टर तक फाड़ डाले गए। इस मामले में पुलिस ने देर नहीं की और तुरंत कार्रवाई की। ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल उठता है कि आखिर कौन हैं ये रोशन आनंद, जिन्होंने पूरे देश में अपनी पहचान रखने वाले खान सर जैसे बड़े नाम से पंगा ले लिया? हर कोई यह जानने को बेताब है कि आखिर इस गिरफ्तारी के पीछे का पूरा मामला क्या है।
दरअसल रोशन आनंद का नाम सुनते ही लोग उन्हें ‘दारोगा की फैक्ट्री’ या ‘दारोगा गुरु’ कहते हैं। ये वही शख्स हैं, जिनकी ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी पटना में काफी मशहूर है। उनका मुख्य काम छात्रों को बिहार पुलिस, दारोगा (एसआई) और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। लेकिन, आज वही ‘दारोगा गुरु’ पुलिस की गिरफ्त में है। ये बात सुनकर हर कोई हैरान है। खान सर की पहचान पूरे भारत में है, ऐसे में रोशन आनंद ने उनसे ऐसा टकराव क्यों मोल लिया, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।
कौन है रोशन आनंद?
रोशन आनंद का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वो एक बेहद गरीब किसान परिवार से आते हैं। सहरसा जिले के धमसेना गांव में उनका जन्म हुआ था। जब उनकी उम्र सिर्फ 15-16 साल थी, तब ही वो बेहतर भविष्य की तलाश में घर छोड़ कर बाहर निकल पड़े थे। उनका सपना था सरकारी नौकरी पाना, खासकर पुलिस में भर्ती होना। इसके लिए उन्होंने खूब मेहनत की, दिन-रात एक कर दिए।
हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। साल 2014 में रोशन आनंद ने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो पाए। यानी, खुद पुलिस बनने का उनका सपना अधूरा रह गया। इसके बाद उन्होंने बीपीएससी में भी हाथ आजमाया। इंटरव्यू तक पहुंचे भी, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आ पाया। लगातार मिल रही असफलताओं ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने हार नहीं मानी।
सितंबर 2017 में ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत हुई
इन सब के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 1 सितंबर 2017 को उन्होंने पटना में अपनी ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत कर दी। शुरुआत में उनके पास सिर्फ 5-6 छात्र ही आते थे। ये वो दौर था जब उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। लेकिन रोशन आनंद की मेहनत और पढ़ाने के तरीके ने कमाल कर दिया। धीरे-धीरे उनकी अकादमी का नाम होने लगा। आज वो एक बेहद सफल और लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनकी अकादमी हजारों छात्रों को दारोगा और पुलिस की नौकरी दिलवाने का जरिया बन चुकी है।
जो शख्स खुद दारोगा बनने का सपना पूरा नहीं कर पाया, उसने हजारों छात्रों को दारोगा बना दिया। लोग उन्हें ‘दारोगा फैक्ट्री’ कहने लगे। लेकिन अब वही ‘दारोगा फैक्ट्री’ संचालक खान सर जैसे बड़े नाम से पंगा लेकर मुश्किल में फंस गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पटना में हुए इस बवाल ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों के बीच की प्रतिद्वंद्विता को सामने ला दिया है।






