हैदराबाद में मतदाताओं तक सीधे पहुंचने के लिए AIMIM अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया पर अपना जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। दरअसल वे इस संदेश को स्थानीय इलाकों के निवासियों तक पहुंचा रहे हैं। याकूतपुरा विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर ओवैसी ने नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने उनकी चिंताओं को सुना और उन्हें अपने चुनावी विवरणों को ध्यानपूर्वक सत्यापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। ओवैसी ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती हर पात्र मतदाता की भागीदारी पर निर्भर करती है।
दरअसल यह अभियान मतदाता सत्यापन, घर-घर जाकर गिनती करने और चुनावी दस्तावेजीकरण को लेकर बढ़ती सार्वजनिक चर्चाओं के बीच शुरू हुआ है। पिछले कई हफ्तों से पूरे हैदराबाद में मैपिंग और घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने की गतिविधियां चल रही हैं। इसके चलते कई निवासी मतदाता रिकॉर्ड में अपने नामों और इस प्रक्रिया से जुड़ी कार्यविधियों के बारे में स्पष्टता चाह रहे हैं। सामुदायिक स्वयंसेवक और स्थानीय प्रतिनिधि भी जागरूकता फैलाने और लोगों को इस प्रक्रिया को समझने में सहायता करने के प्रयासों में शामिल हो गए हैं।
वोट देने का अधिकार शक्तिशाली साधनों में से एक: असदुद्दीन ओवैसी
वहीं जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने निवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार आम नागरिकों के पास उपलब्ध सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस प्रक्रिया को केवल एक नियमित प्रशासनिक औपचारिकता न मानें। ओवैसी ने तर्क दिया कि मतदाता सूचियां ही लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की नींव होती हैं। उनके अनुसार, मतदाता रिकॉर्ड में छोटी-मोटी विसंगतियां भी बड़ी कठिनाइयां पैदा कर सकती हैं। ये विसंगतियां किसी नागरिक की चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
अंतिम दौर में पहुंच रहा SIR अभियान
इस जागरूकता अभियान का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि डेटा संग्रह और सत्यापन का वर्तमान चरण अपने अंतिम दौर में पहुंच रहा है। नागरिकों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे अपने विवरणों की ध्यानपूर्वक समीक्षा करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी सुधार या चूक निर्धारित समय सीमा के भीतर ठीक कर ली जाए। कमजोर वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनमें प्रवासी, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं। इन लोगों को अक्सर दस्तावेजीकरण की आवश्यकताओं को पूरा करने में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
SIR प्रक्रिया का अगला चरण इस महीने के अंत में निर्धारित है। इसके साथ ही मतदाता पंजीकरण, चुनावी पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी से जुड़ी चर्चाओं के और तेज होने की उम्मीद है। ओवैसी का यह जनसंपर्क अभियान सतर्कता, जनभागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देने के एक व्यापक प्रयास को दर्शाता है। यह अभियान नागरिकों को यह भी याद दिलाता है कि चुनावी व्यवस्था में अपनी जगह को सुरक्षित रखना, लोकतंत्र में अपनी आवाज को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।






