बिहार में 6 नए एयरपोर्ट के लिए सर्वे शुरू, जेपी आंदोलन के कैदियों की पेंशन बढ़ी, नीतीश कैबिनेट ने 30 अहम एजेंडे किए पास

बिहार में 6 नए एयरपोर्ट के लिए सर्वे शुरू, जेपी आंदोलन के कैदियों की पेंशन बढ़ी, नीतीश कैबिनेट ने 30 अहम एजेंडे किए पास

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बुधवार, 13 अगस्त 2025 को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई। इस दौरान कुल 30 एजेंडों पर मंजूरी दी गई। कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें जेपी आंदोलन के दौरान जेल में रहे आंदोलनकारियों को पेंशन बढ़ाने का निर्णय भी शामिल है। अब पहले जो लोग एक महीने से 6 महीने तक जेल में रहे थे उन्हें 7,500 रुपये की बजाय 15,000 रुपये मिलेंगे। वहीं 6 महीने से ज्यादा जेल में रहे आंदोलनकारियों की पेंशन 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दी गई है।

विधायकों के वेतन-पेंशन और फ्लाईओवर निर्माण

बैठक में बिहार विधानमंडल के सदस्यों के वेतन, भत्ता और पेंशन नियमावली में संशोधन की मंजूरी भी दी गई। इसके तहत विधायकों और विधान पार्षदों के वेतन-पेंशन में बढ़ोतरी होगी। दूसरी ओर, पटना के मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर तक करबिगहिया होते हुए कनेक्शन बनाया जाएगा। इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए कैबिनेट ने 292 करोड़ 74 लाख 4 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इसके अलावा, पुनपुन में लक्ष्मण झूला के समानांतर सस्पेंशन पुल का निर्माण भी 92 करोड़ 99 लाख 48 हजार रुपये की राशि के साथ मंजूर किया गया।

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

कैबिनेट ने छह नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का सर्वे करने की मंजूरी दी है। इनमें वीरपुर (सुपौल), मुंगेर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, वाल्मीकि नगर (पश्चिम चंपारण) और भागलपुर शामिल हैं। इसके लिए 2 करोड़ 90 लाख 51 हजार 720 रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं गयाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ऑल वेदर एयरपोर्ट बनाने का फैसला लिया गया। खराब मौसम में भी विमानों की लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए 18.24 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी और इसके लिए 137.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

शिक्षा और आम लोगों के लिए सुविधाएं

सरकारी स्कूलों में कक्षा 2 से 8 तक के छात्रों को पोशाक राशि देने का निर्णय लिया गया। जिन छात्रों की उपस्थिति 31 जुलाई तक 75% होगी, उनके खातों में राशि भेजी जाएगी। इसके साथ ही छात्रवृत्ति की राशि भी वितरित की जाएगी। मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर सचिव निशीथ वर्मा, जो 31 अगस्त को रिटायर होने वाले थे, उन्हें दो साल के लिए संविदा पर नियुक्त करने की मंजूरी मिली। आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और ‘दीदी की रसोई’ जैसी सुविधाओं की भी व्यवस्था करने का फैसला लिया गया।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews