प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की अपील का असर अब बिहार की धरती पर भी साफ दिखने लगा है, जहां राज्य सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने एक ऐसा बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है जिसकी गूंज हर ओर सुनाई देगी। दरअसल उन्होंने अपने विभाग के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों से हर शुक्रवार को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल या पैदल चलने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है, जो न केवल ईंधन की बचत में मदद करेगा बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ रखने में एक अहम भूमिका निभाएगा।
दरअसल मंत्री दीपक प्रकाश ने इस पहल के पीछे की प्रेरणा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच ने राज्य सरकार को पर्यावरण संरक्षण और तेल आयात में कमी लाने की दिशा में सक्रिय प्रयास करने के लिए प्रेरित किया है, और इसी क्रम में उनका विभाग भी अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस महत्वपूर्ण अभियान को आगे बढ़ाएगा। यह एक ऐसा प्रयास है जो सीधे तौर पर देश की आर्थिक स्थिति और पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित करेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण संभव हो सकेगा।
हर व्यक्ति के लिए लाभदायक सिद्ध होगा
इतना ही नहीं, बल्कि मंत्री दीपक प्रकाश ने यह भी घोषणा की है कि जो कर्मचारी हर शुक्रवार को साइकिल या पैदल चलकर कार्यालय आएंगे, उनका विशेष रूप से स्वागत और प्रोत्साहन किया जाएगा, ताकि अन्य कर्मियों को भी इस स्वस्थ और पर्यावरण-हितैषी जीवनशैली को अपनाने की प्रेरणा मिल सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पहल से केवल ईंधन की बचत ही नहीं होगी, बल्कि यह प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा, जो हर व्यक्ति के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि शारीरिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति अपनी सुविधा और स्वास्थ्य के अनुरूप ही यात्रा कर सकते हैं, उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं होगा क्योंकि स्वास्थ्य प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कारकेड में वाहनों की संख्या कम की
यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी इस दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर चुके हैं, उन्होंने अपने काफिले में वाहनों की संख्या को कम करके एक बड़ा संदेश दिया है कि हर स्तर पर बदलाव संभव है और यह केवल नेताओं या अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। इसी कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बुधवार, 13 मई, 2026 को यह जानकारी साझा की थी कि मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या को कम या न्यूनतम करने का निर्णय लिया गया है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने राज्य के सभी मंत्री, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों से भी यह अपील की है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बिना अतिरिक्त वाहनों के आएं-जाएं, जिससे संसाधनों का सदुपयोग हो सके और एक आदर्श स्थापित किया जा सके।






