
पटना में मंगलवार को टीम तेजप्रताप यादव को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली, जब उन्होंने विकास वंचित इंसान पार्टी (वीवीआईपी) के साथ गठबंधन की घोषणा की। इस मौके पर तेजप्रताप यादव ने कहा कि आज कई पार्टियां उनके साथ जुड़ रही हैं और आगे की लड़ाई मिलकर लड़ी जाएगी। उन्होंने महुआ से चुनाव लड़ने का औपचारिक ऐलान किया और इसे जनता से सीधा जुड़ाव बताते हुए कहा कि वे धरातल पर जनता के सुख-दुख में साथ रहकर राजनीति करेंगे।
महुआ से चुनाव लड़ने का बिगुल
तेजप्रताप यादव ने महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए कहा, “हमने महुआ से चुनाव लड़ने का बिगुल फूंका है। आगे की लड़ाई हम साथ लड़ेंगे। हमें विश्वास है कि हम आगे बढ़ते रहेंगे और विरोधियों को यह रास नहीं आएगा।” उन्होंने मुकेश सहनी की पार्टी को ‘बहरूपिया पार्टी’ बताते हुए दावा किया कि वे सभी समाज को साथ लेकर चलेंगे। तेजप्रताप ने अपने गठबंधन में राजद और कांग्रेस जैसी पार्टियों को भी शामिल होने का निमंत्रण दिया।
तेजस्वी पर भरोसा, लेकिन साजिश का इशारा
जब तेजप्रताप से पूछा गया कि अगर उनके छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव महुआ से चुनाव लड़ते हैं तो वे क्या करेंगे, तो उन्होंने साफ कहा कि तेजस्वी कभी महुआ से चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “तेजस्वी को हम शुरू से आशीर्वाद देते आ रहे हैं। मुझे पद या लोभ नहीं चाहिए। यादव और मुसलमान को हम एक साथ लेकर चलेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी के खिलाफ जो साजिश रची जा रही है, उसका पर्दाफाश जल्द होगा।
मुकेश रौशन को लेकर तीखा बयान
#WATCH | पटना: बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने VVIP पार्टी के साथ अपने गठबंधन पर कहा, “पुराने मित्र रहे हैं, जो हमारे साथ आकर जुड़े हैं। एक दोस्त दूसरे दोस्त का दुख की घड़ी में सहारा बन रहा है… हमें आगे मिलकर बढ़ना है… राजद को भी अगर गठबंधन करना है तो कर सकती है।” https://t.co/O4V27KbEhp pic.twitter.com/tMPUxr1gro
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 5, 2025
महुआ सीट को लेकर पूछे गए सवाल पर तेजप्रताप ने कहा कि उन्होंने महुआ सीट अमानत के तौर पर मुकेश रौशन को दी थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर वह महुआ सीट के लिए रो रहे हैं, तो हम उन्हें झुनझुना पकड़ा रहे हैं।” तेजप्रताप ने कहा कि महुआ की जो स्थिति थी, उसमें उन्होंने सुधार किया है और लोगों ने उन्हें समर्थन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जयचंदों के चक्कर में नहीं पड़ना चाहते और निर्दलीय चुनाव लड़ने का भी विकल्प उनके पास है।
