शराब दुकानों पर नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां, एमआरपी से अधिक की वसूली

शराब दुकानों पर नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां, एमआरपी से अधिक की वसूली

सिंगरौली|राघवेन्द्र सिंह गहरवार| सिंगरौली जिले में सरकारी शराब के ठेकेदारो द्वारा आबकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे है| शराब ठेकेदारों द्वारा एमआरपी से ज्यादा रुपये वसूल कर रहे हैं इसके बावजूद आबकारी विभाग के अधिकारी अनजान बने हुए है| मानो उन्हें इसकी भनक ही न हो, जहां तक आबकारी विभाग के नियम कहता है कि प्रत्येक सरकारी ठेके के बाहर बेची जाने वाली शराब की रेट लिस्ट लगानी होती है। परंतु जिले भर में किसी भी सरकारी शराब के ठेकेदार द्वारा शराब दुकान के बाहर किसी भी प्रकार की रेट लिस्ट नही लगी हुई है।शराब के शौकीन लोग ज्यादा कीमत देकर शराब खरीदने पर मजबूर है गौरतलब है कि ग्राहकों से वसूली जाने वाली अतिरिक्त राशि ठेकेदार के जेब में जाती है।

इतना ही नही शराब ठेकेदार द्वारा अपने गुर्गों के जरिये गांव गांव शराब पहुँचवा कर कुचिया शराब की बिक्री भी धड़ल्ले से कराई जा रही है सिंगरौली जिले मे शायद ही यैसा कोई क्षेत्र या गांव होगा जहां कुचिया शराब न बिकती हो वरना शराब ठेकेदार द्वारा खुद गांव गांव शराब लोगो तक बेचने के लिए पहुंचाई जाती है

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews