भोपाल: कोरोना पॉजिटिव को लेकर प्रशासन की ये बड़ी तैयारी, आज फिर 43 मरीज मिले

सिंगरौली कलेक्टर

Corona Virus In Red Background – Microbiology And Virology Concept – 3d Rendering

भोपाल।

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के राजधानी में कोरोना (Corona) का कहर जारी है| मंगलवार को भोपाल में 43 नए पॉजिटिव मामले सामने आये हैं। वही 59 लोगों की मौत हो चुकी है। हलाकि राहत की खबर ये है कि चिरायु अस्पताल से आज सुबह 33 लोग कोरोना को हराकर घर के लिए रवाना हो गए।

दरअसल मंगलवार को राजधानी में 1393 सैंपल(Sample) की जांच रिपोर्ट(report) आई। इसमें 43 लोग संक्रमित पाए गए। इसी के साथ राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1554 हो गई है। नए संक्रमित मरीज शहर के कॉजी कैंप, अशोका गार्डन(ashok garden), जाटखेड़ी(jaatkhedi) और जहांगीराबाद(jahingrabad) इलाकों से मिले है। मंगलवार को अशोकागार्डन में 6, सैफिया कॉलेज में 5 और ग्रीन सिटी अस्पताल(greencity hospital) में 3 केस मिले हैं। नए मामलों में 19 लोगों को पहले से एडमिट किया जा चुका है। वहीँ 30 पुराने भोपाल(bhopal) के लोग हैं। दूसरी तरफ ग्रीन सिटी अस्पताल में भर्ती पांच मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें ग्रीन सिटी अस्पताल के एडमिन स्टाफ में एक, दो नर्सिंग स्टाफ, एक एक्सरे टेक्नीशियन और एक वार्ड ब्वॉय शामिल है। वहीँ शहर में अबतक कोरोना से 59 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 963 लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

इधर प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। इस साल जून-जुलाई में मरीजों की संख्या बढ़ने के अनुमान के चलते प्रदेश भर के लिए 18 लाख डिस्पोजेबल चादरें खरीदी जा जा रही हैं। इनमें छह लाख सैनिटाइज (संक्रमण मुक्त) चादरें हैं। यह चादर आईसीयू में गंभीर मरीजों को दी जाएंगी। जिससे उन्हें चादर से किसी तरह के संक्रमण का खतरा न रहे। मप्र पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरशन के डॉ. जे विजय कुमार एमडी ने कहा कि स्टेराइल और नान स्टेराइल दोनों तरह की डिस्पोजेबल चादरें खरीदी जा रही हैं। दो साल की जरूरत के अनुमान से यह खरीदी की जा रही है। आईसीयू में मरीजों को स्टेराइल चादरें दी जाएंगी। बता दें कि क्वारंटाइन सेंटरों में अभी कॉटन की चादरें लोगों को दी जा रही हैं। एक बार जो चादर दी गई उसे बदला नहीं जा रहा है। कोविड के डर से लांड्री वाले यहां की चादरें धोने को भी तैयार नहीं हो रहे हैं।

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