पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दस हजार के इनामी बदमाश को दबोचा

पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दस हजार के इनामी बदमाश को दबोचा

दतिया। सत्येन्द्र सिंह रावत

जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में चलाए जा रहे अपराधी धरपकड़ अभियान के तहत धीरपुरा पुलिस थाना प्रभारी यादवेंद्र सिंह गुर्जर ने एक बार फिर दस हजार के इनामी बदमाश को धर दबोच कर नकेल कसने में कामयाबी हासिल की है। यादवेंद्र सिंह गुर्जर हमेशा से वारंटी, इनामी और बदमाशों के लिए खौफ का पर्याय रहे हैं और उन्होंने पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर खरे उतरते हुए बड़ी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

इसी प्रकार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर धीरपुरा थाना प्रभारी यादवेंद्र सिंह गुर्जर लूट डकैती एवं आर्म्स एक्ट के दूरसड़ा एव सिविल लाइन थाना के अलग अलग तीन वांरट में 9 साल से फरार चल रहे इनामी बदमाश दामोदर उर्फ खिल्लू पुत्र कोमल बंशकार निवासी बिलोनी पीएस जिगना को ग्वालियर बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी दूरसड़ा थाना के अपराध क्रमांक 17/11 धारा 392, 397 25,27 आर्म्स एक्ट 11/13 डकैती एक्ट मैं 9 साल से तथा सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 244/13 धारा 392, 397 11/13 MP डकैती अधिनियम में 7 साल से फरार चल रहा था।

जिसके विरुद्ध तीन स्थाई वारंट थे। आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक की तरफ से दस हजार का इनाम घोषित किया गया था। जिसे धीरपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी यादवेंद्र सिंह गुर्जर, सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह गुर्जर, आरक्षक सत्येंद्र सिकरवार, आरक्षक योगेंद्र लोधी की भूमिका रही।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews