BJP नेता ने अपने ही पुलिसिंग को लेकर उठाये सवाल, DIG को ट्वीट कर बताई आपबीती

bjp

भोपाल।

देशव्यापी लॉकडाउन(lockdown) के बीच प्रदेश में पुलिसकर्मियों(police) के खिलाफ कई मामले सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहाँ पुलिसकर्मियों पर कई तरह के आरोप लग रहे है। वहीँ दूसरी तरफ मध्यप्रदेश(madhyapradesh) कि राजधानी से बीजेपी नेता ने अपने ही सरकार की पुलिसिंग(policing) को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही बीजेपी नेता(bjp leader) हितेश वाजपेयी(hitesh vajpayee) ने अब पुलिसकर्मियों पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है।

दरअसल भाजपा नेता और मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हितेश वाजपेई ने डीआईजी को लिखते हुए अपने ही सरकार की पुलिसिंग ढाचें पर सवाल उठाये हैं। बीजेपी नेता ने कहा कि भदभदा में स्थित उनकी डेयरी की गाड़ी को लगातार लठैत रोक रहे है। वहीँ नाराज़ BJP नेता ने लठैतों को “कर्मवीर” बताते हुए डीआईजी को ट्वीट कर सारी घटना बताई है। उन्होंने पुलिसिंग पर आरोप लगते हुए कहा है कि पुलिस के निजी गार्ड द्वारा लगातार उनकी डेयरी की गाडी को जबरन रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार खुद वे उन कर्मवीरों से बात करने गए लेकिन उन्होंने उनके बायत करने के रवैये पर भी सवाल उठाये हैं। वहीँ उन्होंने डीआईजी से सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या उन्हें इन कर्मवीरों की वजह से अपनी डेयरी को बंद कर देना चाहिए?

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews