निकाय चुनाव: BJP को बड़ा झटका- 40 नेता और कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

पंचायत चुनाव

राजकोट, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल (Corona Era) के बीच देशभर में नेताओं के दल बदलने का सिलसिला जारी है। एमपी के बाद अब गुजरात से बड़ी खबर मिल रही है।यहां कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट हार्दिक पटेल (Hardik Patel) ने भाजपा (BJP) को बड़ा झटका दिया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (Chief Minister Vijay Rupani) के गढ़ में बीजेपी के पार्षद समेत कई कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हो गए है। यहां आने वाले दिनों में स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं, ऐसे में यह बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।एक साथ 40 नेताओं के टूटने पर बीजेपी में हड़कंप मच गया है।

विजय रुपाणी के गढ़ राजकोट में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने बीजेपी में सेंध लगाते हुए स्थानीय निकाय के चुनाव से पहले बीजेपी पार्षद समेत कई कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में शामिल करा लिया।इन 40 सदस्यों में से 20 बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और चार बीजेपी के नेता हैं।निकाय चुनाव से पहले हार्दिक के इस कदम ने कांग्रेस को बड़ी कामयाबी दिलाई है।कांग्रेस के उपाध्यक्ष हार्दिक पटेल की उपस्थिति में गुरुवार को बीजेपी की राजकोट वार्ड की महिला पार्षद दक्षाबेन भेसाणीया कई कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं।पिछले हफ्ते गुजरात बीजेपी पार्टी के अध्यक्ष सीआर पाटील के राजकोट दौरे के बाद हुई इस राजनीतिक पार्टी की अदल-बदल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

हार्दिक ने अपने ट्वीट में कहा कि गुजरात में भाजपा सरकार ने मां सरस्वती की शिक्षा को महंगी कर दिया है, शिक्षित नौजवान को बेरोजगार बना दिया है।जिसके विरोध में आज राजकोट एबीवीपी के अनेक कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं। हम युवा गुजरात और भारत के भविष्य हैं। हमसे अन्याय हुआ तो जवाब मिलेगा।

कांग्रेस नेता अशोक डांगर ने कहा कि बीजेपी के कुछ और सदस्य जिसमें 4-5 पार्षद शामिल हैं वो सभी कांग्रेस जॉइन करेंगे। दूसरी ओर राजकोट मार्केटिंग यार्ड ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल कमानी और सामाजिक कार्यकर्ता चंदनी लिंबसिया का भी जल्द ही कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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