मंत्रियों की खमोशी और तनाव के बीच कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

मंत्रियों की खमोशी और तनाव के बीच कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

भोपाल।
प्रदेश की सियासत में मचे हंगामे के बीच शुक्रवार को कमलनाथ कैबिनेट(kamalnath cabinet) बैठक सम्पन्न हुई। बीते कई दिनों से तूफान का असर इस बार की बैठक में भी देखने को मिला।पूरी बैठक के दौरान मंत्रियों(ministers) और सीएम कमलनाथ(cheif minister kamalnath) के चेहरे पर भारी तनाव रहा। एक तरफ जहां प्रस्तावों पर सुझाव देने वाले मंत्रियों ने खमोशी ओढ ली वही दूसरी तरफ सीएम कमलनाथ को भी बैठक खत्म करने की जल्दी रही।

सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 2.30 लाख करोड़ के बजट (budzet)का अनुमोदन किया है। बैठक में राम वन गमन पथ बनाने का फैसला, राज्यपाल(governer) के सचिव मनोहर दुबे को संविदा नियुक्ति और अडानी पावर से बिजली खरीदने जैसे एक दर्जन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा बजट सत्र में प्रस्तुत होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को भी अनुमोदित किया गया। राज्यपाल लालजी टंडन 16 मार्च को विधानसभा(vidhansabha) में अभिभाषण देंगे।

इस दौरान प्रस्तावों पर ज्यादा चर्चा भी नहीं हुई। बजट प्रस्तुतिकरण के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी (School Education Minister Dr. Prabhuram Chaudhary)ने लैपटॉप योजना में दी जा रही राशि का मुद्दा उठाया।वही इस खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर(Food and Civil Supplies Minister Pradyuman Singh Tomar), आदिम जाति कल्याण मंत्री ओमकार सिंह मरकाम (Tribal Welfare Minister Omkar Singh Markam)और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी (School Education Minister Dr. Prabhuram Chaudhary)ने कुछ सुझाव रखे, जिन पर चर्चा करने की जगह उन्हें टाल दिया गया।इसके बाद आनन-फानन में मुख्यमंत्री बैठक खत्म करके निवास के लिए रवाना हो गए, जहां पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh)पहले से मौजूद थे।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
-मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में चित्रकूट से लेकर अमरकंटक तक चिन्हांकित किये गये राम वन पथ गमन के निर्माण के लिये न्यास का गठन करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में न्यास का गठन होगा। न्यास में मुख्य सचिव सदस्य होंगे तथा अन्य न्यासी सदस्य भी होंगे।

-मंत्रि-परिषद ने श्री महावीर कीर्ति स्तम्भ समिति, भिण्ड को उनके आधिपत्य की भूमि को पूर्व की सभी देयताओं में छूट देते हुए शून्य प्रीमियम एवं मात्र 1 रूपये वार्षिक भू-भाटक पर देने की मंजूरी दी। समिति को भूमि का हस्तांतरण किया जायेगा।

-मंत्रि-परिषद ने प्रतिस्पर्धात्मक आधार पर आमंत्रित निविदा अन्तर्गत 1320 मेगावाट विद्युत क्रय की स्वीकृति दी। एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी द्वारा विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा डिजाइन, बिल्ड,फाइनेंस, ओन और ऑपरेट (डीबीएफओओ) आधार पर स्थापित ताप विद्युत स्टेशनों से दीर्घकालीन विद्युत क्रय के लिये जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्य में स्थापित की जाने वाली 1320 मेगावाट क्षमता की नवीन ताप विद्युत परियोजना से विद्युत क्रय के लिये निविदा जारी की गयी थी। उक्त निविदा में मेसर्स अडानी पॉवर लिमिटेड द्वारा वर्ष 2026-27 (प्रथम वर्ष) के लिये उद्धत न्यूनतम दर 4.79 रूपये प्रति यूनिट के लिये मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति दी और आगामी कार्यवाही के लिये एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी को अधिकृत किया।

-मंत्रि-परिषद ने लोक सेवा प्रबंधन विभाग अन्तर्गत सीएम हेल्प लाईन के प्रभावी संचालन के लिये प्रतिनियुक्ति/संविदा के संचालक, उप संचालक के एक-एक पद और वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के 4 पद कुल 6 पद को आगामी 5 वर्ष तक निरंतर रखने की मंजूरी दी। इसी प्रकार सीएम हेल्प लाईन के कार्यों में हुए विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए 3 कार्यालय सहायक/ डाटा-एन्ट्री ऑपरेटर और 2 भृत्य के नये पदों को सृजित कर आउटसोर्स के माध्यम से रखने की मंजूरी दी।

-बैठक में सरकार द्वारा संधारित मंदिरों के पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए लाई गई प्रमोटर बिल्डर पॉलिसी पर सीएम ने नाराजगी जताते हुए इसे खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ऐसा कोई काम नहीं करेगी। कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि राज्यपाल लालजी टंडन के सचिव मनोहर दुबे को ओएसडी के पद पर संविदा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। सीएम हेल्पलाइन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवा अवधि आगामी 5 साल तक के लिए निरंतर रखी जाएगी।

-कैबिनेट ने एक अन्य निर्णय में अडानी पावर लिमिटेड से 4 रुपए 79 पैसे प्रति यूनिट की दर से 1320 मेगा वाट बिजली लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके लिए पावर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है। मंत्री ने बताया कि इसके लिए निविदा निकाली गई थी, जिसमें अडानी पावर लिमिटेड की बोली को सबसे सही पाया गया है।

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