स्व-सहायता समूहों को मिलेगी सौगात, सीएम खातों में डालेंगे 150 करोड़ रुपये का ऋण

मप्र सरकार

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में स्व-सहायता समूहों (Self Help Groups) को बड़ी सौगात मिलने जा रही है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) सोमवार को ‘सशक्त महिलाएँ आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के क्रम में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को 150 करोड़ रुपये का बैंक ऋण वितरित करेंगे। इस दौरान सीएम शिवराज कई जिलों के हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे।

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में‍निवासरत निर्धन परिवारों की महिला सदस्यों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण किया जा रहा है। आमतौर पर देखने में आता है कि ग्रामीण क्षेत्र में लोग बैंकिंग सेवाओं की प्रक्रियाओं में दस्तावेजीकरण व अन्य औपचारिकताओं की कठिनाई के कारण पात्र होने के बावजूद योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। राज्य सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को और सरल करने के उद्देश्य से बैंकों के साथ भी व्यापक स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है। अब स्व-सहायता समूहों को आसानी से ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 20 सितम्बर 2020 को 150 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में समूहों को वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि समूह के बैंक ऋण प्रकरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रस्तुत करने के साथ-साथ सघन निगरानी एवं पारदर्शी प्रक्रिया बनाई गई है। समूहों को वार्षिक बैंक ऋण वितरण का लक्ष्य बढ़ाकर 1400 करोड़ किया गया है। अब तक आजीविका मिशन के माध्यम से 33 लाख से अधिक ग्रामीण निर्धन परिवारों को 3 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जोड़कर 1865 करोड़ रुपये बैंक ऋण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

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