दांडी यात्रा में शामिल होंगे CM Shivraj, मां नर्मदा की करेंगे पूजा अर्चना

Shivraj

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (CM Shivraj Singh Chauhan) दांडी यात्रा (Dandi Yatra) में शामिल होने गुजरात जायेंगे । उन्होंने ट्वीट के जरिये जानकारी देते हुए बताया कि वे दांडी यात्रा (Dandi Yatra)  में शामिल होने जा रहे हैं इसके साथ ही उस स्थान पर भी जायेंगे जहाँ नर्मदा जी समुद्र में मिली हैं।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) यहाँ पहुंचकर मां नर्मदा की पूजा अर्चना भी करेंगे।

इस साल 12 मार्च को देश ने नमक आंदोलन दांडी यात्रा (Dandi Yatra) के 91 साल पूरे कर लिए। 12 मार्च 1930  को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी बापू ने दांडी यात्रा (Dandi Yatra) की शुरुआत की थी। दांडी यात्रा (Dandi Yatra) अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से शुरू होकर नवसारी के गांव दांडी में जाकर ख़त्म हुई थी।  नमक सत्याग्रह भारत की आजादी के आंदोलनों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मौके पर दांडी यात्रा (Dandi Yatra) निकाल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 12 मार्च को 23 दिवसीय दांडी यात्रा (Dandi Yatra) को साबरमती आश्रम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, वे यात्रा के समापन पर 6 अप्रैल को भी इसमें शामिल होंगे इस दौरान भारतीय जनता (BJP)  पार्टी के बड़े नेता, मंत्री, सांसद, विधायक आदि भी दांडी यात्रा (Dandi Yatra) में शामिल हो रहे है ।

इस क्रम में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) भी दांडी यात्रा (Dandi Yatra)  में शामिल होने जा रहे हैं।  उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि वे आज बुधवार की रात नर्मदा जी के समुद्र में मिलने वाले स्थान पर पहंचकर मां नर्मदा की पूजा करेंगे और उसके बाद दांडी यात्रा (Dandi Yatra) में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं इन वर्षों में देश बहुत आगे बढ़ा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।  ।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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