CM शिवराज अस्पताल से करेंगे मैराथन बैठक, इन विषयों पर करेंगे चर्चा

CM शिवराज अस्पताल से करेंगे मैराथन बैठक, इन विषयों पर करेंगे चर्चा

भोपाल, डेस्क रिपोर्टर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना की चपेट में आने से अस्पताल में हैं। लेकिन बावजूद इसके वह प्रदेश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वह मंत्रियों एवं अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। इसी बीच आज शुक्रवार को भी शिवराज सिंह चौहान मैराथन बैठक करेंगे।

दरअसल शुक्रवार को दोपहर 12:00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। जहां वो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश योजना के कार्यान्वयन की स्थिति को जानने के लिए विस्तृत चर्चा करेंगे।इसके बाद 12:30 बजे सीएम आत्मनिर्भर भारत के पैकेज का लाभ लेने की कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। जिसके बाद शाम 4:00 बजे प्रदेश में कोरोना के हालात के ऊपर मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक में शामिल होंगे।

बता दे कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद से मुख्यमंत्री चौहान चिरायु अस्पताल में भर्ती है। एक तरफ जहां वह अपने निजी कार्य खुद कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की स्थिति पर भी पल पल नजर बनाए हुए हैं।इसी को लेकर गुरुवार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने कई बैठकें की थी।जहां नई शिक्षा नीति बैठक पर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वह शामिल हुए थे। आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजना के कार्यान्वयन और उनकी स्थिति के लिए मंत्रियों के साथ चर्चा करेंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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