नए साल में खुलेंगे कॉलेज, 1 जनवरी से शुरू होंगी साइंस की कक्षाएं, 10 से लगेंगी UG और PG फाइनल ईयर की क्लासेस

नए साल में खुलेंगे कॉलेज, 1 जनवरी से शुरू होंगी साइंस की कक्षाएं, 10 से लगेंगी UG और PG फाइनल ईयर की क्लासेस

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना संक्रमण के चलते बंद पड़े कालेजों (Colleges) को फिर से नियमित रूप से शुरू किया जा रहा है| सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh CHauhan) के साथ समीक्षा बैठक के बाद उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव (Minister Mohan Yadav) ने कहा है कि नए साल से कालेजों में पढ़ाई शुरू की जायेगी|

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि कोरोना संकट के चलते छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई कराने का प्रयास किया गया| लेकिन अब आवश्यक सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा| बैठक में निर्णय लिया गया है कि 1 जनवरी से साइंस से सम्बंधित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी| जिसमे छात्र संख्या 50 प्रतिशत के साथ कोरोना नियमों को पूर्ण रूप से पालन कराया जाएगा| उन्होंने बताया कि इसी तरह यूजी और पीजी की फाइनल की कक्षाएं भी 10 जनवरी से प्रारम्भ कर दी जाएंगी| 20 जनवरी के बाद पूरी तरह से कॉलेज खोलने पर फैसला क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में जल्द लिया जाएगा।

कॉलेज खोलने को लेकर संबंधित अधिकारियों को मंत्री ने दिशा निर्देश दिए हैं| जो कॉलेज कैंपस खोले जाएंगे उनकी नियमित चेकिंग की जायेगी, अगर कोरोना नियमों का उल्लंघन या लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जायेगी| मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि कोविड-19 की गाइड-लाइन को ध्यान में रखते हुए 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सामाजिक दूरी का का पालन करते हुए तीन-तीन दिन के लिये बैच निर्धारित कर कक्षाएँ शुरू की जायें।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 200 शासकीय महाविद्यालयों का इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की कार्यवाही शुरू की जाये, जिससे विद्यार्थियों को वर्चुअल लर्निंग एवं स्मार्ट क्लॉस-रूम जैसी सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने कहा कि 100 से कम विद्यार्थी संख्या वाले 51 शासकीय महाविद्यालयों को निकटस्थ बड़े महाविद्यालयों में विलय करने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 37 निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि भवनविहीन महाविद्यालयों के लिये किराये से भवन लेने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने विभाग के निर्माण कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास एवं हितलाभ वितरण स्थानीय विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही करने के निर्देश दिये।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि 73 प्रतिशत विद्यार्थी शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशरत हैं। इस वर्ष 4.37 लाख विद्यार्थियों ने स्नातक एवं 1.30 लाख विद्यार्थियों ने स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश लिया है। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन एवं ई-प्रवेश तथा अन्य विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बोर्डिंग स्कूलों की समीक्षा के दौरान कहा कि फिलहाल जनवरी माह तक बोर्डिंग स्कूल नहीं खोले जायेंगे। फरवरी माह में इनके खोले जाने पर विचार करेंगे, जिसकी जवाबदेही स्कूल प्रबंधन की होगी।

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